उत्तर प्रदेश कंबाइंड प्री मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी) 2015 का पेपर लीक होने की सूचना से नाराज काकादेव कोचिंग हब के स्टूडेंट्स ने मंगलवार को जमकर तोड़फोड़ की। पथराव करके न्यू स्पीड सहित तमाम कोचिंग इंस्टीट्यूट के बोर्ड और खिड़कियों के शीशे तोड़ डाले। आसपास खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की। पथराव में एसओ काकादेव उदय प्रताप यादव को भी चोट लगी है। पुलिस ने 25 स्टूडेंट को हिरासत में लिया है। लाठी पटककर बवाल करने वालों को खदेड़ा गया है। देररात काकादेव कोचिंग हब के आसपास स्थित हॉस्टल की पुलिस ने तलाशी ली है। इससे पहले स्टूडेंट ने जीटी रोड जाम करके विरोध प्रदर्शन किया। इस बवाल के पीछे एक कोचिंग संचालक का हाथ बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कोचिंग संचालक की गतिविधि पर निगाह रखी जा रही है।
सीपीएमटी का पेपर गत सोमवार को हुआ था। पेपर के दौरान ही लखनऊ के जियामऊ इलाके से 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसमें जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का स्टूडेेंट शामिल है। जहां से गिरफ्तारी हुई थी, वहां सीपीएमटी का पेपर बरामद हुआ था, इसलिए पेपर लीक होने की आशंका जताई जा रही है। इसको लेकर ही सीपीएमटी का पेपर देने वाले तमाम स्टूडेंट्स मंगलवार को सड़क पर उतर आए। विरोध प्रदर्शन करके जीटी रोड पर जाम लगा दिया। पथराव करके आसपास की दुकानें बंद करा दी। इसको लेकर स्टूडेंट और पुलिस के बीच नोकझोंक, हाथापाई भी हुई। हालांकि पुलिस ने बल प्रयोग करके मामला संभाल लिया। सीपीएमटी का पेपर देने वाले जावेद खान, राजीव जायसवाल, नीरज गुप्ता, अभय त्रिपाठी और शिव प्रताप का कहना है कि मेडिकल की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स का भविष्य दांव पर है। पहले आल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) का पेपर लीक हुआ। अब सीपीएमटी का पेपर लीक हो गया है। एआईपीएमटी के पेपर निरस्त करने की मांग पहले की गई थी लेकिन इस पर अमल नहीं हो सका। अब सीपीएमटी का पेपर निरस्त करने की मांग की जा रही है। पेपर निरस्त न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। स्टूडेंट ने मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से हस्तक्षेप करने की मांग की है। इससे पहले स्टूडेंट्स ने काकादेव से गीता नगर क्रासिंग तक मार्च निकाला। विरोध प्रदर्शन करते हुए गीता नगर क्रासिंग तक गए और जीटी रोड जाम करके सीपीएमटी का पेपर फिर से कराने की मांग की। देररात पथराव करके तमाम कोचिंग इंस्टीट्यूट और आसपास खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की। इसकी पुष्टि काकादेव पुलिस ने की है। साथ ही कहा है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कोचिंग संचालक प्रदर्शन के खिलाफ
स्टूडेंट्स के आंदोलन को काकादेव कोचिंग हब के कुछ संचालकों ने समर्थन नहीं दिया है। उनका कहना है कि एक जून को एम्स का पेपर है, इसकी तैयारी करनी चाहिए। पेपर लीक होने का मामला कानूनी है। स्टूडेेंट वकील करें और लड़ाई लड़ें। इससे पहले एआईपीएमटी के पेपर निरस्त करने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल हुई लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा निरस्त करने से इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन स्टूडेंट के मामले पकड़े गए हैं, उनके रिजल्ट रोके जा सकते हैं। बाकी स्टूडेंट के रिजल्ट घोषित किए जाएं। सीबीएसई ने भी मामले को नकल मानते हुए पेपर लीक होने से इंकार किया है।