उद्यमी संदीप शुक्ला का नया ठिकाना जेल की मुलाहिजा बैरिक बन गया है। पुलिस ने दोपहर बाद संदीप शुक्ला और उसके साथी को सीएमएम मीना श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया। बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि एफआईआर के लिए दी गई अर्जी के मुताबिक दो धारा नहीं बनती हैं। पुलिस ने यह दोनों धारा गलत तरीके से लगा दी हैं। कोर्ट ने संदीप शुक्ला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
संदीप शुक्ला और उसके साथी राजकुमार श्रीवास्तव की पैरवी के लिए सुबह अधिवक्ता वसीम अख्तर ने अपना एडवोकेट पर्चा सीएमएम कोर्ट में लगाया। दोपहर बाद नजीराबाद पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया तो वरिष्ठ अधिवक्ता एसपी सिंह का एडवोकेट पर्चा और लगा दिया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इस मामले में जानलेवा हमले (धारा 307) और जान लेने के इरादे से इंजेक्शन लगाने (धारा 328) नहीं बनती है। एफआईआर के लिए दी गई अर्जी के मुताबिक ऋचा खुद कार से कूंदी थी। उसे जान से मारने का प्रयास नहीं किया गया। इंजरी रिपोर्ट भी दो दिन पुरानी है। वह भी साधारण हैं। इसी तरह एफआईआर की अर्जी में कहा गया है कि इंजेक्शन लगाए जाते हैं। यह नहीं कहा गया है कि जान लेने के इरादे से इंजेक्शन लगाए जाते हैं। एफआईआर की अर्जी के मुताबिक यह दोनों धाराएं नहीं बनती हैं। पुलिस ने यह दोनों धाराएं गलत तरीके से लगा दी हैं। इसलिए इन दोनों धाराओं में रिमांड न दिया जाए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता के मुताबिक कोर्ट ने इस दलील को तवज्जो नहीं दी। दोनों अभियुक्तों को पुलिस द्वारा लगाई गई सभी धाराओं में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। जेल में संदीप और राजकुमार को मुलाहिजा बैरिक में रखा गया है। उन्हें इस बैरिक में जेल के तौर-तरीके बताए जाएंगे।
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‘बीबी को पीटा पर तिल का ताड़ बनाया’
उद्योगपति संदीप शुक्ला ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि आम लोगों की तरह उसका भी अपनी बीबी से झगड़ा और मारपीट हुई लेकिन उसे तिल का ताड़ बना दिया गया। उसने कहा कि मैसूर रोड बंगलौर में उसका नेलोडी नाम का एक बंगला है। एक साल पहले जब वह थाईलैंड से वापस देश आया तो पता चला कि उसकी बीबी ने यह बंगला उसके फर्जी साइन कर भाई कुरुराज सिंह के नाम कर दिया है। 15 अप्रैल को फर्जी साइन किए कागज मिले तो बीबी से पूछताछ की तो उसने चाय की केतली से गरम पानी उड़ेल दिया। इस पर मैने भी हाथापाई कर दी। उसने केतली मार दी तो मेरी जुबान कट गई। इस पर मैने उसे पीटा। मैने लव मैरिज की थी। मेरे जीजा ने ऋचा का कन्यादान लिया था। इस कारण मैं उसे उनके पास अस्सी फिट रोड़ ले जाना चाहता था। मैने ऋचा को जबरन गाड़ी में बैठाया और उसे ले जाने लगा। तभी अस्सी फिट रोड पर गाड़ी रुकने पर वह गाड़ी से उतरकर शोर करने लगी और बवाल मच गया।
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