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चरखानी पालीटेक्निक प्रिंसिपल रिश्वत लेने के दोषी

Mon, 08 Dec 2014 03:08 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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वेतन रिलीज करने के नाम पर गेस्ट लेक्चरर से घूस लेने के आरोपी राजकीय महिला पालीटेक्निक चरखारी (महोबा) के प्रिंसिपल उमाशंकर गुप्ता जांच में दोषी पाए गए हैं।
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प्राविधिक शिक्षा निदेशक ओपी वर्मा ने कार्रवाई की सिफारिश करते हुए गत शनिवार (6 दिसंबर) को जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
अब शासन प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई करेगा। प्रिंसिपल ग्रेड-1 के अधिकारी हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की फाइल मुख्यमंत्री तक जाती है।
प्राविधिक शिक्षा निदेशक ने जो जांच रिपोर्ट शासन को भेजी है, उसमें कहा है कि वीडियो क्लिप देखने से साफ जाहिर होता है कि प्रिंसिपल ने रुपयों का लेन-देन किया है।
इस मसले को लेकर प्रिंसिपल का कहना है कि जांच रिपोर्ट की जानकारी नहीं है। मुझे गलत तरीके से फंसाया गया है।
महामाया पालीटेक्निक हाथरस में गेस्ट लेक्चरर प्रशांत और दीपक ने राजकीय पालीटेक्निक सोरो एटा के तत्कालीन प्रिंसिपल और महामाया पालीटेक्निक हाथरस के कार्यवाहक प्रिंसिपल उमाशंकर गुप्ता (अब प्रिंसिपल राजकीय महिला पालीटेक्निक, चरखारी) पर घूसघोरी का आरोप लगाया था।
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वीडियो और ऑडियो क्लिप बनाकर कहा था कि गेस्ट लेक्चरर को मिलने वाले डेढ़ लाख रुपये के भुगतान के एवज में प्रिंसिपल ने पहले 20 फीसदी कमीशन मांगा था लेकिन सौदा 20 हजार रुपये में तय हो गया। यह सब वीडियो क्लिप में है।
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 आरोप है कि प्रिंसिपल ने दोनों गेस्ट लेक्चर से 10-10 हजार रुपये लिए भी। सभी नोट 500-500 रुपये के थे।
पैसों के लेनदेन का यह आडियो और वीडियो क्लिप प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा और निदेशक प्राविधिक शिक्षा को दिया गया था।
प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा के आदेश पर ही प्राविधिक शिक्षा निदेशक ने मामले की जांच-पड़ताल करके रिपोर्ट तैयार की है।
प्राविधिक शिक्षा निदेशक ने कहा कि जो साक्ष्य मिले थे, वह प्रिंसिपल को दोषी ठहराने के लिए काफी हैं।
इस तरह की घटना से विभाग और प्रिंसिपल की साख प्रभावित होती है।
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