धर्म छिपाकर दूसरे समुदाय की लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर भगाने और फिर उसके घरवालों को धमकाने के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। मामले में पुलिस की ढिलाई साफ उजागर हुई है। एडीजी के निर्देश पर जांच तेज हो गई है।
कानपुर शहर और कानपुर देहात में एक समुदाय के युवकों ने धर्म छिपाकर दूसरे समुदाय की लड़कियों को प्रेमजाल में फंसा लिया। बाद में धर्म का पता चलने पर शहर का पीड़ित परिवार घर छोड़ कर दूसरी जगह रहने को मजबूर हुआ। पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने न तो मामला दर्ज किया, न ही उचित कार्रवाई की। एडीजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रसूलाबाद एसओ को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कानपुर किदवई नगर की बीएससी की छात्रा की मां सोमवार को एसएसपी दफ्तर पहुंची। वहां सीओ सदर को बताया कि किदवई नगर लोहा पार्क के पास रहने वाले एक युवक ने खुद को हिन्दू बताकर उनकी बेटी को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। आरोपी 1 अगस्त को उनकी बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले गया। उन्होंने थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। धमकी से डर कर उन्होंने परिवार के साथ घर छोड़ दिया है। वह शहर में ही एक रिश्तेदार के घर में रह रही हैं। मामला चर्चा में आने के बाद किदवई नगर पुलिस ने दो दिन पहले आरोपी को पकड़ा है। बेटी को भी बरामद कर लिया है, लेकिन अभी तक न तो उसके कोर्ट में बयान कराए हैं और न ही उनकी रिपोर्ट दर्ज की है। उन्हें शक है कि आरोपी उनकी बेटी को प्रेमजाल में फंसा कर बेच भी सकता है। सीओ ने किदवई नगर एसओ को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उधर, रसूलाबाद (कानपुर देहात) का एक परिवार एडीजी अविनाश चंद्र से मिला। परिजनों ने बताया कि उनकी 16 वर्षीय बेटी को गांव में रहने वाले एक युवक ने प्रेम जाल में फंसा लिया। आरोपी अपने दोस्त के साथ उनकी बेटी को 28 जुलाई को भगा कर ले गया है। आरोपी के कहने पर बेटी घर से जेवरात भी ले गई है। लड़की के बारे में पूछने पर आरोपी के परिजन उन लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। 30 जुलाई को उन लोगों ने थाने में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एडीजी ने एसओ को फटकार लगाकर कार्रवाई का निर्देश दिया।