कानपुर में रूसी महिला से दुष्कर्म के मामले में फंसा कर्नल नीरज गहलोत अस्थायी जेल में पहले दिन गुमसुम रहा। न किसी से बात की और न ही किसी तरह की कोई मांग की। जेल में तैनात पुलिसकर्मी व कुछ बंदियों ने उससे बातचीत करने की कोशिश की लेकिन कर्नल ने जुबान नहीं खोली।
दस दिसंबर को कर्नल ने अपने दोस्त की पत्नी के साथ सरकारी आवास पर दुष्कर्म किया था। केस दर्ज हुआ और पीड़िता ने उसके खिलाफ कोर्ट में बयान दिए। इसके बाद पुलिस ने मंगलवार शाम कर्नल को गिरफ्तार किया और बुधवार को चौबेपुर स्थित अस्थायी जेल भेजा।
गुरुवार सुबह वह जेल के रूटीन के हिसाब से उठा और परिसर में घूमता रहा। सूत्रों के मुताबिक उसने नाश्ता तक सही से नहीं किया। पुलिस अफसरों का कहना है कि कोरोना जांच के लिए उसका सैंपल नहीं लिया जा सका है। शुक्रवार को सैंपल लेकर आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसको स्थाई जेल भेजा जाएगा।