रूसी महिला से दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजे गए कर्नल नीरज गहलोत के परिजनों ने मंगलवार को आईजी और कार्यवाहक एसएसपी को प्रार्थना पत्र सौंपा। कर्नल को निर्दोष बताकर पीड़ित पक्ष पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगा उनके खिलाफ अहम साक्ष्य होने का दावा किया।
साथ ही दस बिंदुओं पर जांच कराने की सिफारिश की। इस बाबत अफसरों ने जांच अधिकारी को निर्देशित कर दिया है। कैंट थाने में लखनऊ निवासी कारोबारी की रूसी पत्नी ने 12 दिसंबर की रात कर्नल पर केस दर्ज कराया था। मंगलवार को आईजी मोहित अग्रवाल और कार्यवाहक एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के पास आरोपी की दोनों बहनें व पत्नी पहुंची।
उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी कॉल रिकॉर्डिंग हैं, जिससे ये साबित हो जाएगा कि पूरा मामला ब्लैकमेलिंग का है। रिकॉर्डिंग महिला व उसके पति के मोबाइल में हैं। इसके अलावा अन्य पहलुओं का जिक्र कर दावा किया नीरज को झूठा फंसाया गया है। बहनों का कहना था कि सेना में नीरज का करियर बेदाग है।
वह कारगिल युद्ध में भी शामिल रहा था। पुलिस अफसरों का कहना था कि जिन साक्ष्यों की बात कही गई है, उनकी जांच कराई जाएगी। मामले की विवेचना कर रहे कैंट इंस्पेक्टर आदेश चंद्र को परिजनों की ओर से रखे गए तथ्यों को जांच में शामिल करने को कहा गया है।