पैसा लेकर छात्रों को बैंक की परीक्षा में पास कराने और नियुक्ति दिलाने वाले एक गैंग का खुलासा पुलिस ने किया है। गैंग के सरगना और अन्य आरोपी तो बर्रा पुलिस की लापरवाही से भाग निकले लेकिन गैंग की मदद से लिखित परीक्षा पास करने वाले पांच छात्र पुलिस ने पकड़ लिए।
इन्हें इंटरव्यू की औपचारिकता के लिए बुलाया गया था। इनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने फिलहाल इन्हें ही वादी बनाकर मुख्य आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है। पकड़े गए छात्रों के तार और संलिप्तता खंगालने के लिए अभी पूछताछ चल रही है।
आईजी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि सुदूर जनपदों के लोग कानपुर में कुछ विशेष सेंटरों पर प्रतियोगी परीक्षा देने आते हैं। ग्रुप में परीक्षा में सेलेक्ट भी होते हैं। पड़ताल कराई तो सामने आया कि बर्रा इलाके में एक गैंग सक्रिय है।
संदिग्धों के फोन सर्विलांस पर लगाकर सुने गए तब पता चला कि अभिषेक सचान नाम का शख्स यहां गैंग चलाता है। गैंग में एक युवक ऐसा है जो साउथ के एक बैंक में क्लर्क की नौकरी भी कर रहा है।
कड़ी से कड़ी जुड़ती देख आईजी ने अपने एक हमराही और कांस्टेबल को सॉल्वर बनाकर गैंग में घुसाया पर कहीं से भनक लग गई और सोमवार को धरपकड़ के दिन अभिषेक सचान अपने साथियों केसाथ दो बोरी में तमाम कागजात लेकर भाग निकला।
भेजी गई बर्रा पुलिस को दून गेस्ट हाउस में ठहराए गए पांच छात्र हाथ लगे। उन्हें थाने लाया गया। बकौल आईजी मुख्य आरोपी अभिषेक सचान घाटमपुर के पतारा थानाक्षेत्र के तेजूपुर गांव निवासी अनिल सचान का बेटा है।
अभिषेक के साथ एक उसकी कथित बहन, सहयोगी अमित सचान और आदित्य जाटव गैंग में काम करते हैं। आदित्य खीरी जनपद के निर्मल नगर कोतवाली क्षेत्र का निवासी है। यह गैंग आनंदपुरी के पास एक कोचिंग में इंटरव्यू की तैयारी कराता है।
पुलिस ने कोचिंग संचालक सुभाष निगम से भी पूछताछ की है। सुभाष ने पुलिस को बताया है कि वह छात्रों को पढ़ाते हैं। अब छात्र कहां का है, कैसे प्रतियोगी परीक्षा पास की, इस पर ज्यादा जोर नहीं देते।
इधर, पुलिस ने बर्रा के दून गेस्ट हाउस में ठहराए गए पांचों युवकों को वादी बनाकर अभिषेक सचान एवं अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और प्रतियोगिता क्लीयर कराने के नाम पर रकम वसूलने की एफआईआर कराई है।
यह छात्र हैं विजय कुमार वर्मा निवासी आधारपुर लखीमपुर खीरी। इन्होंने पीओ की लिखित परीक्षा पास की है। दूसरा शेर सिंह निवासी बरगदवा थाना कोतवाली जिला बस्ती।
तीसरा शिवम नागर निवासी द्वारिकापुरी कोतवाली जिला खीरी। चौथा अनूप कुमार निवासी अर्जुनपुरवा कोतवाली जिला खीरी। इन तीनों ने क्लर्क की परीक्षा पास की है। पांचवा बलदेव सिंह निवासी बड़ा गांव खुखरी थाना मुरार ग्वालियर। इन्होंने पीओ की परीक्षा पास की है।
आईजी ने बताया कि इसमें खास बात है कि दो ने लिखित परीक्षा में शामिल न होकर भी पास होने की बात कुबूल की है। एक के पास परीक्षा हाल में उत्तर पत्र की कॉपी आ गई थी।
दो अन्य अभी पूछताछ में गोलमोल जवाब दे रहे हैं। यदि इनकी भी संलिप्तता मिली तो आरोपी बनाया जाएगा।