रावण दहन से पहले रामलीला में चली गोली, भाजपा नेता के भाई की सरेआम हत्या
Mon, 13 Nov 2017 11:34 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
सार
- भाजपा नेता के भाई की गोली मारकर हत्या
- अटारा गांव में रामलीला मंचन देखने को लेकर हुआ विवाद
- साथी भी घायल, जिला अस्पताल में चल रहा इलाज
- तीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज, एक गिरफ्तार
यूपी में कन्नौज के अटारा गांव में रविवार की देर रात रामलीला का मंचन देखने पहुंचे भाजपा नेता के भाई का कुछ लड़कों से बैठने को लेकर विवाद हो गया। नौबत मारपीट तक पहुंची तभी एक युवक ने भाजपा नेता के भाई और उसके साथी को गोली मार दी। इसमें भाजपा नेता के भाई की मौत हो गई और साथी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने तीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया है।
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कन्नौज के गांव अटारा में कुछ दिनों से रामलीला का आयोजन हो रहा था। रविवार रात पड़ोसी गांव सिमरापुर निवासी शेर सिंह पुत्र झब्बू यादव अपने भाई विनोद, दोस्त गांव के ही मंगे सविता पुत्र बेंचेलाल के साथ रामलीला देखने गया था। रात करीब 12 बजे बैठने को लेकर अटारा गांव निवासी भाजपा के बूथ प्रमुख मोहित सिंह के भाई धर्म सिंह ठाकुर (18) पुत्र अमर सिंह व उनके पड़ोसी प्यारे लाल (24) पुत्र माखन लाल दोहरे का शेर सिंह और उनके साथियों से विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी। स्थानीय लोगों ने उस समय मामले को शांत करा दिया। थोड़ी ही देर बाद आयोजन स्थल के पास दोनों पक्षों के बीच फिर मारपीट शुरू हो गई। इस बीच शेर सिंह ने तमंचे से गोली चला दी। गोली लगने से धर्म सिंह की मौके पर मौत हो गई, प्यारे लाल गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक केशव चंद्र गोस्वामी और कोतवाल एके सिंह ने शव को कब्जे में लेकर घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मृतक धर्म सिंह के भाई मोहित सिंह ने शेर सिंह यादव, उसके भाई विनोद व दोस्त मंगे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मंगे को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
बगैर अनुमति के हो रहा था रामलीला मंचन
अटारा (कन्नौज) में हुए संघर्ष में मृतक धर्म सिंह के रोते-बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
जलालपुर पनवारा सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव में रामलीला मंचन के दौरान गोली मारकर की गई युवक की हत्या में पुलिस-प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बगैर अनुमति के गांव में छह दिनों से रामलीला का आयोजन चल रहा था। हजारों लोगों की भीड़ जुटने के बाद भी सुरक्षा-व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं था। लोगों का कहना है कि अगर कार्यक्रम स्थल पर पुलिस तैनात होती तो, शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती है। हत्याकांड के बाद दोनों गांव के बीच तनावपूर्ण माहौल देखकर पुलिस बल तैनात किया गया है।
13 नवंबर को रावण दहन होना था
कन्नौज के अटारा गांव में तनाव के चलते गांव में तैनात पुलिस बल।
- फोटो : अमर उजाला
अटारा गांव में सात नवंबर से ग्राम समाज के सहयोग से गांव के ही कुछ लोग रामलीला का आयोजन करा रहे थे। 13 नवंबर को रावण दहन होना था। इससे 12 नवंबर को रामलीला मंचन के अंतिम दिन लोगों की भारी भीड़ उमड़ी थी। रामलीला आयोजन की प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। इससे अधिकारियों ने वहां पुलिस बल तैनात करने में भी दिलचस्पी नहीं ली। यही कारण रहा कि रामलीला मंचन के दौरान हुए मामूली विवाद में थोड़ी ही देर में खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इसमें भाजपा नेता के भाई धर्म सिंह की गोली लगने से मौत हो गई। आरोपी शेर सिंह, विनोद व मंगे के पड़ोसी गांव सिमरापुर के निवासी होने के कारण दोनों गांवों के बीच तनाव पैदा हो गया। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक ने दोनों गांवों में पुलिस बल तैनात कर दिया।
पंडाल समेटकर भागे आयोजक
गोलीकांड के बाद सोमवार सुबह आयोजकों ने पंडाल हटवा दिया। इसके बाद से गांव के आयोजक लापता हो गए। कोतवाली पुलिस ने आयोजकों से पूछताछ करने के लिए जब उन्हें तलाश किया, तो पता चला कि आयोजक घटना के बाद से लापता चल रहे हैं। कोतवाली प्रभारी एके सिंह ने बताया कि बगैर अनुमति के कार्यक्रम कराने के आरोप में आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।