नर्वल में सोमवार की शाम नौ इंच जमीन के विवाद में छोटे भाई ने बड़े को लाठी और ईंट से पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद हत्यारोपी परिवार के साथ घर में ताला बंद करके भाग निकला।
नर्वल पुलिस ने मामले में खेल कर एफआईआर गैर इरादन हत्या में दर्ज कर ली। एसओ रमाशंकर पटेल का कहना है कि आरोपी ने हत्या के इरादे से बड़े भाई को नहीं पीटा था।
जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर पर दो, चेहरे सीने और बाएं हाथ पर चोट के एक-एक निशान मिले हैं। हेड इंजरी को मौत की वजह माना गया है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। एसओ का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सरसौल संवाददाता के मुताबिक घटना नसड़ा गांव में इंद्रा आवास कालोनी की है। यहां निरोत्तम सिंह का बड़ा बेटा छिद्दू सिंह (48) पत्नी राजमती, तीन बेटियों और एक बेटे के साथ रहता है।
इसी कालोनी में आगे उसका मझला भाई भोला सिंह और छोटा भाई शिव प्रताप सिंह अपने परिवार के साथ रहते हैं। तीनों के मकान एक-दूसरे से सटे हैं।
शिव प्रताप ने बताया कि वह और छिद्दू शहर में मजदूरी करके परिवार का पेट पालते हैं। जबकि भोला सिंह का बेटा सूरत गुजरात में नौकरी करता है। वह परिवार के पैसा भेजता है, जिससे भोला के परिवार के खर्च चलता है।
भोला कई महीनों से कोई काम नहीं कर रहा है। शिव प्रताप के मुताबिक भोला सोमवार की दोपहर कालोनी में घर के बाहर ईंटें बिछा रहा था। इस दौरान उसने एक ईंट बड़े भाई छिद्दू के घर की ओर बढ़ा दी।
इससे उसकी नाली बंद होने लगी। इसका छिद्दू की पत्नी राजमती ने विरोध किया। इस पर दोनों भाईयों में झगड़ा हो गया। उस वक्त गांव और परिवार के लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया।
शाम को फिर इसी बात पर छिद्दू और भोला में झगड़ा हो गया। इस पर भोला ने बड़े भाई को लाठी से पीट दिया। छिद्दू के जमीन पर गिरते ही ईंट से प्रहार कर उन्हें मरणासन्न कर दिया।
परिवार के लोग छिद्दू को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां डॉक्टर ने हालत गंभीर देख उन्हें हैलट रेफर कर दिया। हैलट लाते वक्त रास्ते में छिद्दू की मौत हो गई। परिवार के लोग अस्पताल से शव को घर ले गए।
देर रात तक दोनों पक्षों में समझौते को लेकर पंचायत चली पर बात नहीं बनी। इसके बाद राजमती ने देवर भोला सिंह के खिलाफ तहरीर दी।
चार महीने पहले भोला ने विवाद में छोटे भाई शिव प्रताप की पत्नी को भी चाकू मार कर घायल कर दिया था। पर, तब परिजनों ने कोई रिपोर्ट नहीं कराई थी।