ये सत्ता का नशा है या पुलिसवालों का ढीला रवैय्या जिसकी वजह से नये-नये विधायक बने माधवेन्द्र सिंह उर्फ रानू को एसओ की फोन पर जमकर क्लास लगानी पड़ी। बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल क्या हुआ मामला रायते की तरह फैल गया। मामला यूपी के हरदोई जिले का है।
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अगली स्लाइड में देखें आखिर क्या कहा भाजपा विधायक ने...
ये है विधायक और सीओ के विवादित ऑडियो की बातचीत
भाजपा विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ रानू
हरदोई सवायजपुर विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ रानू ने एसओ से फोन पर कहा कि मानसिकता बदलिये आपको ये पता नहीं है दिमाग सही करिये भाजपा की सरकार हो चुकी है। पीड़ित को भी पकड़ोगे बंद करोगे। एससी एसटी का मुकदमा दर्ज कराएंगे। तुम्हारे खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराएंगे। होश में आ जाइये। जो तुमने सपा सरकार में लूटा है। शराब स्मैक, सट्टेबाजी कराते हो सबकुछ बंद कराऊंगा तुम्हारे खिलाफ मुकदमा दर्ज कराऊंगा। पीड़ित सताया जा रहा है तुम कह रहे हो मेरे अंडर में नहीं है। थाने जाइये मुकदमा दर्ज कराइये। तुम्हें मेरी हैसियत नहीं पता मैं चीफ मिनिस्टर का आदमी हूं।
पुलिस के अधिकारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे
डेमो पिक
उत्तर प्रदेश की पुलिस के अधिकारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे है। सूबे में सरकार भले ही बदल गयी हो लेकिन अधिकारियो की मानसिकता नहीं बदली। ताज़ा मामला हरदोई के पाली थाना के ग्राम रम्पुरा खमरिया का है जहां सपा के दबंगों ने चुनावी रंजिश में दलित रामबेटी पत्नी मेवाराम के परिवार को घर में घुस कर दबंगों ने जमकर उत्पात किया और रामबेटी सहित पूरे परिवार की पिटाई कर दी। पीड़ित रामबेटी ने 100 नंबर पर फोन किया मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित पक्ष के भतीजे विनीत को पकड़ कर थाने ले गए और एसओ पाली ने पीड़ित पक्ष को थाने से भागा दिया। पीड़ित का आरोप है हमने बीजेपी को वोट दिया इसी के चलते सपा के दबंगों ने हम लोगों को पीटा। इस मामले को लेकर जब पीड़ित पक्ष बीजेपी के विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह रानू के पास गया। तब विधायक ने सीओ शाहाबाद अरविन्द वर्मा से बात की। तो सीओ सवायजपुर विधायक को कानून समझाने लगे। दोनों में हुयी बातचीत का ऑडियो भी वायरल हुआ है।
विधायक माधवेन्द्र सिंह ने रखा अपना पक्ष
भाजपा विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ रानू
सवायजपुर विधायक माधवेन्द्र सिंह और सीओ शाहाबाद अरविन्द वर्मा के बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद विधायक माधवेन्द्र सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि जिस तरह सीओ पूरे मामले से पल्ला झाड़ ले रहे थे उस हिसाब से तो डायल 100 न हुआ सुप्रीम बॉस हो गया, कुछ भी कर लेंगे, वो भी ये कह सकते थे कि मामले को पता कराता हूँ और जिसने अन्याय किया होगा उस पर कार्रवाई होगी। विधायक माधवेन्द्र उर्फ रानू का कहना है कि मेरे लिए अपने किसी शिकायतकर्ता की शिकायत और तकलीफ़ का संज्ञान लेना सत्ता का नशा नहीं है। आमजनों की तकलीफ को महसूस करना है बिना मसले को समझे उसे नकारात्मक रूप में पेश करना ठीक नही।
विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह रानू का इस मसले पर ये भी कहना है कि मामला राजनैतिक है। पीड़ित हरिजन की पिटाई सपा के कुछ दबंगों ने की थी जिसकी शिकायत उसने डायल 100 पर की पर पुलिसवाले उल्टा पीड़ित को ही उठा ले गए जिसकी गुहार पीड़ित के परिजनों ने विधायक से लगाईं सो उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया। विधायक ने कहा कि ये सरकार आम लोगों की सरकार है। हर वर्ग की सरकार है जो भी अधिकारी सपा के एजेंट की तरह काम करेगा और इस तरह से जिम्मेदारी से भागने की कोशिश करेगा , बरगलाने की कोशिश करेगा उन्हें जबाब देना पड़ेगा ।