स्कूल में जांच पड़ताल करती वाणिज्यकर विभाग की टीम
कॉपी किताबों के नाम पर अभिभावकों को लूटने वालों पर योगी सरकार के बड़े एक्शन का असर दिखने लगा है। सात बुक स्टॉलों पर कार्रवाई के बाद वाणिज्यकर विभाग ने गुरुवार को कानपुर कैंट के डॉ. वीरेंद्र स्वरूप स्कूल पर छापा मारा। अधिकारियों को स्कूल परिसर में कॉपी, किताबों व स्टेशनरी का अघोषित गोदाम मिला। अधिकारियों ने माना कि स्कूल परिसर से बिना रजिस्ट्रेशन कॉपी किताबों की बिक्री हो रही थी।
वाणिज्यकर विभाग के एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के निर्देश पर शुक्रवार को डिप्टी कमिश्नर सुरेंद्र बहादुर सिंह टीम के साथ यहां पहुंचे। स्कूल परिसर में एक हॉल में विभिन्न कक्षाओं की कॉपी किताबें व स्टेशनरी मिलीं। अधिकारियों ने गोदाम का रजिस्ट्रेशन पत्र मांगा तो नहीं दिखाया गया। कॉपी किताबें स्टोर का कारण नहीं बता सके। इसी दौरान बताया गया कि स्टाक आवास विकास स्थित बुक शॉप (बुक कार्नर) का है। अनाधिकृत गोदाम होने पर अधिकारियों ने स्टॉक नोट किया और गोदाम सीज कर दिया। तत्पश्चात स्कूल कार्यालय में छानबीन की, यहां 119 बिल मिले, जिसका कोई हिसाब किताब नहीं था। इन बिलों को भी सीज किया गया।
करोड़ों का टर्नओवर
विभागीय अफसरों का कहना है कि वीरेंद्र स्वरूप स्कूल में मिले गोदाम में आठ लाख रुपये कीमत का माल था। माना रहा है कि स्टूडेंटों को वितरण के लिए यह खेप लाई गई थी। स्कूल में एक बच्चे की किताबों का खर्च 10 से 18 हजार रुपये है। इस स्कूल में ही 2500 स्टूडेंट है। इसके अलावा इस स्कूल की कई अन्य शाखाएं भी हैं।