फर्रुखाबाद जिले के शमसाबाद में दुष्कर्म के आरोपी को हमलावरों ने शुक्रवार की रात गोली से उड़ा दिया। मौके पर पुलिस को घटना से पहले युवक के हमलावरों से गुत्थमगुत्था होने के निशान भी मिले हैं। पुलिस ने मौके से बेलचा, चप्पल और खाद की बोरी बरामद की है।
पुलिस ने भाई की तहरीर पर गांव के ही दो लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें दुष्कर्म की रंजिश में हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस कुछ अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। उसी आधार पर पुलिस ने गांव के तीन युवकों को उठाया है।
क्षेत्र के गांव रमापुर जसू निवासी रतिराम राजपूत का पुत्र सोवेंद्र (25) रोज की तरह दोस्त अंकित पुत्र स्वदेश राजपूत के साथ शुक्रवार शाम खेत पर फसल की रखवाली करने गया था। खेत पास-पास होने से वह अंकित के नलकूप पर उसके साथ बैठा था।
रात करीब साढ़े नौ बजे अंकित खाना खाने घर चला गया। अंकित गांव के पास पहुंचा ही था कि गोली चलने की आवाज आई। सोवेंद्र की चीख सुन वह भागता हुआ नलकूप पर पहुंचा। वहां सोवेंद्र अपने नलकूप से कुछ दूरी पर घुइयां के खेत में लहूलुहान पड़ा था। उसके सीने में गोली लगी थी।
परिजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। वहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष आरके रावत घटनास्थल पहुंचे। उन्हें मौके पर एक चप्पल, बेलचा और खाद की बोरी मिली। खेत में गुत्थमगुत्था होने के निशान भी मिले हैं।
एसपी डॉ. अनिल मिश्र ने रात में ही घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने शीघ्र ही आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए। भाई धर्मेंद्र ने गांव के ही कैलाश पुत्र ऊधन सिंह, देवराज पुत्र केशराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें आरोप लगाया कि एक महिला से दुष्कर्म के आरोप में सोवेंद्र 2016 में जेल गया था।
दुष्कर्म के मुकदमे में कैलाश वादी था। इसके बाद से ही दोनों पक्षों में रंजिश चल रही है। इस रंजिश में ही उसके भाई की हत्या की गई है। पुलिस घटना से जुड़े कुछ अन्य बिंदुओ पर भी छानबीन कर रही है। इसके चलते ही पुलिस ने रात को ही तीन युवकों हिरासत में लिया है।
उनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने पड़ोस के गांव पहाड़पुर व छछोनापुर में शनिवार सुबह दबिश दी। पर वहां कोई पकड़ में नहीं आया है। थानाध्यक्ष आरके रावत ने बताया कि कुछ अन्य बिंदुओं पर भी छानबीन की जा रही है। शीघ्र ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
जमानत से छूटने के बाद आए दिन होता था विवाद
सोवेंद्र के खिलाफ वर्ष 2016 में दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में वह एक साल तक जेल में रहा था। बाद में जमानत पर छूट कर घर आया था। बताया गया कि जमानत से छूटने के बाद से सोवेंद्र का आए दिन दूसरे पक्ष से विवाद होता रहता था।
पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था सोवेंद्र
सोवेंद्र के पिता रतिराम राजपूत की दो शादियां हुई हैं। इनमें एक पत्नी प्रीतम देवी के तीन बेटे धर्मेंद्र, सोवेंद्र, जितेंद्र और तीन बेटी अनीता, मंजू, रंजू हैं। दूसरी पत्नी अन्नपूर्णा के दो बेटों में शेर सिंह और छोटा अनुज है।