कोर्ट में मुकदमों की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को बैकुंठपुर बिठूर के लेखपाल लक्ष्मी नारायण पांडेय ने तहसीलदार सदर अनिल कुमार पर हमला बोल दिया। कोर्ट में रखीं फाइलें फेंक दीं और गालीगलौज करने लगा। लेखपाल मारपीट पर उतारू दिखा लेकिन अधिवक्ताओं ने बीच बचाव करके मामला शांत कराया। इस मामले के आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। कोतवाली में एफआईआर भी करा दी गई है। अब गिरफ्तारी होगी। आरोप है कि लेखपाल नशे में धुत था लेकिन उसका डॉक्टरी परीक्षण नहीं कराया जा सका।
बैकुंठपुर के लेखपाल लक्ष्मी नारायण पांडेय सरकारी कामकाज में रुचि नहीं लेते हैं। उन्होंने सूखा राहत का चेक गलत बनाया और बांट दिया। तहसील दिवस के मामलों का निस्तारण भी नहीं किया। इसी बीच सूचना दिए बगैर लेखपाल मुंबई चले गए। इसी आधार पर तहसीलदार सदर ने लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी। इससे लेखपाल भड़क गया। गालीगलौज करते हुए शुक्रवार को तहसीलदार सदर कोर्ट पहुंचा। इस दौरान मुकदमों की सुनवाई कर रहे तहसीलदार से भिड़ गया। गालीगलौज और अभद्रता करने लगा। कोर्ट में रखे दस्तावेज फेंक दिए। कुर्सियां पलट दीं।
तहसीलदार ने बताया कि अपनी समस्याओं को लेकर लेखपाल हड़ताल पर हैं। कोई कामकाज नहीं हो रहा है, फिर भी नशे में धुत लेखपाल लक्ष्मी नारायण पांडेय तहसीलदार सदर कोर्ट में आए। मुकदमों की सुनवाई के दौरान ही अभद्रता की। इसकी सूचना कार्यवाहक जिलाधिकारी शत्रुघ्न सिंह और एसडीएम सदर डीडी वर्मा को दी गई है। तहसीलदार की तहरीर पर ही कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
एक अन्य लेखपाल केके दुबे के मामले को लेकर भी लक्ष्मी नारायण ने गालीगलौज की है। केके दुबे के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। कार्यवाहक जिलाधिकारी एवं एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह कहते हैं कि कोर्ट में बैठे एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट पर हमला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। मुकदमा भी दर्ज हो गया। लेखपाल के बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार पर हमला करने वाला लेखपाल गिरफ्तार हो, यह व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
,