पुष्पा सकलानी हत्याकांड में फोरेंसिक साइंस लैब से संबंधित प्रकरण की फिर से जांच करेगी। मृतका के पति के प्रार्थना पत्र को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने स्वीकारते हुए फिर से जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि दून बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओपी सकलानी की पत्नी पुष्पा सकलानी की 16 अक्तूबर वर्ष 2012 को उनके निवास पर हत्या कर दी गई थी।
दून बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओपी सकलानी ने कहा उनकी पत्नी की हत्या में प्रयुक्त चाकू में अंगुलियों के निशान की फोटो फोरेंसिक साइंस लैब के अधिकारियों ने 16 अक्तूबर 2012 को घटना स्थल से लिए थे। अधिकारियों ने अंगुलियों की छाप उठाई थी जिसे जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैब बल्लुपुर देहरादून भेजा गया।
संबंधित लैब से रिपोर्ट व अंगुलियों की छाप कोतवाली देहरादून में कार्यरत कांस्टेबल को दी गई थी। कांस्टेबल को इसे थाना कोतवाली के मालखाने में जमा करवाना था। जहां से यह रिपोर्ट मुकदमे के जांच अधिकारी को दी जानी थी, लेकिन आरोपी कांस्टेबल ने फोरेंसिक साइंस लैब से रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद इसे कोतवाली में जमा नहीं कराया।
मृतका के पति के प्रार्थना पत्र पर सीबीआई अदालत ने सीबीआई को आदेश दिया कि वे एक माह के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी।