अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिले के कुख्यात डाकू बबुली कोल गैंग से कई बार मुठभेड़ करने के बाद भी पुलिस के हाथ सिर्फ कुछ असलहे व खाद्य सामग्री हाथ लग रही है। अब यूपी-एमपी पुलिस गैंग के बचे सदस्यों को अलग-थलग कर निपटाने की रणनीति पर काम चल रहा है। पुलिस का मानना है कि मुठभेड़ से गैंग कमजोर हुई है।
फरवरी में साढ़े पांच लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग से यूपी-एमपी पुलिस की तीन बार मुठभेड़ हो चुकी है। एक सदस्य को पकड़ा गया था। इसके अलावा खास सफलता नहीं मिली है। इससे पुलिस टीमों का काफी हौसला भी घट रहा है। हालांकि यूपी-एमपी सीमाक्षेत्र के जंगलों में दोनों प्रदेशों की पुलिस टीमें लगातार कांबिंग कर रही हैं।
सूत्रों की मानें तो अब पुलिस टीम ने अपनी रणनीति में कुछ बदलाव किया है। मुखबिरों को नये सिरे से तैयार किया जा रहा है। ग्रामीणों को डकैतों के खिलाफ बोलने व सूचना देने के लिए तैयार किया गया है। इसका परिणाम जल्द सामने आने की संभावना है। इस योजना में यह तय है कि कई मुठभेड़ के बाद बिखरे गैंग के सदस्यों को एक जुट न होने दिया जाएगा। अलग-थलग की स्थिति में ही उन्हें मार गिराया जाए।