एसटीएफ व पुलिस के सयुंक्त आपरेशन में दबोचा गया डाकू पप्पू कोल की उम्र महज 19 साल है लेकिन वह बेहद शातिर व सटीक निशानेबाज है। कुख्यात गैंग सरगना बबुली व लवलेश सिर्फ इसी का विश्वास करते थे।
ग्रामीण इलाके में विदित है कि बिना पप्पू कोल की अनुमति के कोई भी गैंग सरगना से नहीं मिल सकता था।
सोमवार को मारकुंडी थानाक्षेत्र के करौंहा जंगल में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार पप्पू कोल सिर्फ तीन साल में ही 60 हजार का इनामी बन गया। सरगना का सगा भतीजा होने के कारण उसकी गैंग में मजबूत पकड़ थी।
अपहरण के बाद फिरौती की रकम गैंग तक पहुंचाने व बांटने का काम यही करता था। महज 15 साल की उम्र में ही इसे गैंग के आसपास आने जाने का मौका मिलने लगा जिससे उसकी सोहबत बिगड़ गई।
24 अगस्त 2017 को मानिकपुर थानाक्षेत्र के जंगल में पुलिस से डाकू बबुली कोल की मुठभेड़ के बाद कम सदस्य बचने पर बबुली ने पप्पू कोल को गैंग में स्थाई रूप से रख लिया। इस पर मप्र थानाक्षेत्र समेत उप्र क्षेत्र के कई थानों में एक दर्जन मामले दर्ज हैं।
कम उम्र में शातिर बदमाश बना पप्पू कोल