फतेहपुर। भाकियू ने किसानों की बुनियादी समस्याओं को लेकर मंगलवार को बिजली उपकेंद्र में महापंचायत की। बहुआ उपखंड अधिकारी (एसडीओ) व उपकेंद्र के जेई को किसानों ने दोपहर से शाम तक बंधक बनाए रखा। किसानों ने बिजली व सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उप जिलाधिकारी के सभी समस्याओं का समाधान कराने के आश्वासन पर देर शाम को पंचायत समाप्त हुई।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के विरोध में काम कर रही है। देश का अन्नदाता जब अपना अधिकार मांगता है तो उस पर लाठी डंडे बरसाए जाते हैं। इस सरकार अधिकारी, कर्मचारी बेलगाम और भ्रष्ट हो गए हैं। सरकार की कार्यशैली में सुधार न हुआ तो आने वाले चुनाव में किसान इसका जवाब देंगे। सरकार ने निजी नलकूप के बिजली का बिल दोगुना कर दिया। डीजल के दामों में बेहताशा बढ़ोत्तरी हो गई है। किसानों की आय बढने के बजाय आधी हो गई है। जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम ने कहा कि उपकेंद्र के जेई व कर्मचारी किसानों का शोषण करते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में किसानों को रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं दी जाती है, लेकिन बिल वसूली करने में किसानों को परेशान किया जाता है। दो-तीन महीने का बिजली बिल बकाया होने पर केबिल काटने की धमकी दी जाती है। किसानों को नहरों में सिंचाई का पानी नहीं मिलता है। प्रमुख नहरों की हालत खराब होने की वजह क्षमता के इतना पानी नहीं आता है। थोड़ा सा भी पानी बढने पर खांदी कटना शुरू हो जाती है।