कानपुर देहात। अकबरपुर व माती मुख्यालय के आसपास संचालित अधिकांश नर्सिंगहोम में न तो डाक्टर हैं और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। सोमवार को एसडीएम व डिप्टी सीएमओ के निरीक्षण में तीन नर्सिंगहोम का यही हाल मिला। इस पर तीनों नर्सिंगहोम के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं दो नर्सिंगहोम से दो लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेजा गया।
अकबरपुर कोतवाली के पास संचालित ओम हॉस्पिटल में 31 मई को जच्चा-बच्चा की मौत के बाद जिला प्रशासन फिर हरकत में आया है। डीएम राकेश कुमार सिंह के निर्देेश पर एसडीएम आनंद कुमार सिंह व डिप्टी सीएमओ एपी वर्मा ने अकबरपुर में संचालित तीन नर्सिंगहोम का औचक निरीक्षण किया। सबसे पहले माती रोड स्थित न्यू रमा शिव हास्पिटल देखा। यहां कोई डाक्टर मौजूद नहीं था जबकि तीन मरीज भर्ती थे। इनकी देखरेख के लिए वंदना पाल व प्रतिमा यादव मौजूद मिलीं। वंदना ने अपने को जीएनएम व प्रतिमा ने ओटी टेक्नीशियन बताया जबकि दोनों के पास कोई प्रमाण पत्र नहीं थे। नर्सिंगहोम संचालक अविनाश को बुलाया गया उसने कहा कि डाक्टर ऑन काल आते हैं। इस पर एसडीएम ने डिप्टी सीएमओ को रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने औरैया रोड स्थित राधाकृष्ण अस्पताल देखा यहां कर्मचारी रामकेश मिला, वहीं मेडिकल स्टोर में नीता देवी मौजूद मिलीं। यहां भी डाक्टर नहीं मिले और न ही व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। एसडीएम ने गुमराह करने का प्रयास करने वाले रामकेश को हिरासत में लेकर कोतवाली भिजवा दिया। इसके बाद श्री सांई हास्पिटल देखा। इस हास्पिटल का नवीनीकरण भी नहीं कराया गया। यहां संचालक जितेंद्र सिंह मौजूद थे। नर्सिंगहोम में दो मरीज भर्ती थे। डाक्टर व प्रशिक्षित स्टाफ नहीं मिला। इस पर प्रबंधक जितेंद्र सिंह को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया गया।
एसडीएम अकबरपुर, आनंद कुमार सिंह ने कहा कि तीन निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया गया है, जिसमें मानक के अनुसार प्रशिक्षित स्टाफ व डाक्टर मौजूद नहीं मिले। इस पर अस्पतालों के प्रबंधक समेत दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं तीनों नर्सिंगहोम का पंजीकरण निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।