डेरापुर(कानपुर देहात)। थाना क्षेत्र के बड़ागांव भिक्खी में निजी नलकूप पर फॉल्ट ठीक करने का काम कर रहे संविदा लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। अधिकारियों के मौके पर न पहुंचने और मुआवजे की मांग को लेकर देर रात तक ग्रामीणों ने शव नहीं उठने दिया। थानाध्यक्ष ग्रामीणों को समझाने की कोशिश में लगे रहे।
शनिवार देर शाम बड़ागांव निवासी बलवान के ट्यूबवेल की लाइन में ट्रांसफार्मर के पास फॉल्ट हो गया था। जिसकी सूचना विद्युत उपकेंद्र डेरापुर में दी गई थी। जहां से संविदाकर्मी सैफाबाद निवासी आशीष सिंह(32) पुत्र सुखदेव सिंह लाइन ठीक करने गया था। बिजली के पोल पर काम करते समय वह तार की चपेट में आकर चिपक गया। कुछ देर बाद वह पोल से जमीन पर गिर पड़ा। जब तक ग्रामीणों ने उसे उपचार के लिए ले जाने की व्यवस्था जुटाई। इस बीच उसकी मौत हो गई। घटना के बाद एसडीओ, जेई के फोन बंद हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि आशीष सिंह गलुवापुर फीडर की लाइन में देखरेख करता था। जबकि बड़ागांव फीडर की जिम्मेदारी संविदाकर्मी रामवीर की थी। मृतक संविदाकर्मी ने विद्युत उपकेंद्र फोन करके शटडाउन मांगा था। यदि वहां तैनात एसएचओ शट डाउन दे देता तो हादसा नहीं होता। घटना की जानकारी होते ही परिजन पहुंचकर बिलखने लगे। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष रामबहादुर पाल ने मौके से शव उठाने का प्रयास किया। जिसका ग्रामीणों ने विरोध करते हुए शव न उठने देने की बात कहने लगे। वहीं, थानाध्यक्ष ने मृतक के भाई संतोष से बात की। अधिकारियों से भी बात कराई गई। इसके बाद भी बात नहीं बनी। देर रात तक शव उठाने का लोगों द्वारा विरोध चलता रहा। थानाध्यक्ष ने बताया कि अभी तक शव घटना स्थल पर ही है। ग्रामीणों को समझाने की कोशिश चल रही है।