फतेहपुर। नशेबाजी का विरोध करने और इलाज के लिए पैसे मांगने पर पत्नी की पीट-पीट कर हत्या कर देने के मामले में हत्याभियुक्त पति को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दस साल कैद की सजा सुनाई है। अहम बात यह है कि बेटी की गवाही को इसमें मुख्य आधार माना गया। कोर्ट ने हत्याभियुक्त पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मामला गाजीपुर थानाक्षेत्र के जिवकरा गांव का है। अधिवक्ता के मुताबिक यहां कैलाश नाथ सिंह की पत्नी सुनीता बीमार रहती थी। इलाज के लिए वह पति से पैसे मांगती थी। पति सारे पैसे नशेबाजी में उड़ा देता था। इस बात पर आए दिन दंपति में झगड़ा होता था। 16 अक्तूबर 2013 की रात करीब 11 बजे सुनीता ने पति से दवा लाने को
कहा, उसने मना कर दिया। सुनीता के चिल्लाने पर उसने डंडे से पीटकर उसे अधमरा कर दिया। ग्रामीण सुनीता को अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में मौत हो गई। मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय अपर जिला जज अच्छेलाल गुप्ता की अदालत में विचाराधीन था। सुनीता के भाई जयकरन उर्फ मोनू सिंह की तहरीर पर पुलिस ने हत्या की
रिपोर्ट दर्ज की थी। प्रकरण की पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता राम सिंह ने अदालत में हत्याभियुक्त कैलाश नाथ सिंह की बेटी पूजा देवी सहित आठ लोगों की गवाही करवाई। एडीजीसी राम सिंह ने अदालत के समक्ष सुनीता का पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. एमपी त्रिपाठी का भी बयान कराया। डॉक्टर ने कोर्ट में बयान दिया कि
सुनीता की मौत गंभीर चोटें आने से हुई। अदालत ने सभी पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त कैलाश नाथ सिंह को दस वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अर्थदंड का भुगतान ना करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कातिल पति को दस साल की कैद
- अदालत ने बेटी की गवाही को मुख्य आधार मानकर सुनाया फैसला
- नशेबाजी का विरोध करने पर पत्नी की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी
अमर उजाला ब्यूरो