फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एडीजी व डीआईजी भी पहुंचे गांव, देखा हालात

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। हुसैनगंज थाना क्षेत्र में पीड़िता का गांव वारदात की खबर पर छावनी में तब्दील हो गया। दस थाने की फोर्स कैंप करने पहुंची। भारी पुलिस बल को देखकर गांव के लोग खेतों की ओर भाग निकले। पुलिस टीमों ने दबाव बनाने के लिए आरोपी के दरवाजे पर तोड़फोड़ की। गांव के लोग पूछताछ से किनारा करते दिखाई दिए। एडीजी व डीआईजी ने भी प्रयागराज से आकर घटना का जायजा लिया।
विज्ञापन

दुष्कर्म के बाद जिंदा जलाकर मारने की कोशिश की घटना से गांव में सनसनी फैली है। गांव में औंग, मलवां, हथगाम, सुल्तानपुर घोष, थरियांव, असोथर, गाजीपुर, कोतवाली समेत दस थाने का फोर्स पहुंचा हुआ है। पीड़िता का घर गांव के बाहर की ओर है। उससे जुड़ा मकान आरोपी का है। पुलिस ने दोनों घरों की तफ्तीश की। एडीजी सुजीत पांडेय, डीआईजी कवींद्र प्रताप सिंह ने लोगों से बातचीत का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण पुलिस अफसरों के सामने आने से ग्रामीण बचते दिखे। गांव के लोग धीरे-धीरे घरों में ताला लगाकर खेत की ओर चले गए। पुलिस की पूछताछ के दायरे में आने से कतराए। पुलिस ने गांव में कॉबिंग की। एडीजी करीब तीन घंटे तक गांव में बने रहे। थाने में करीब दो घंटे रुकने के बाद मौके से चले गए। एसपी और सीओ सिटी रात तक मौजूद रहे।
पूर्व प्रधान के बेटे के बयानों में भी भिन्नता रही। उसने पहले अधिकारियों को बताया कि वह पंचायत के दौरान मौजूद नहीं था। आधा घंटे बाद मौके पर पहुंचा। कुछ देर बाद दूसरी जगह दिए बयान में कहा कि पंचायत उसके सामने हो रही थी। यहां तक बता डाला कि पंचायत में आरोपी भी मौजूद था। बार-बार बदलते बयान हालात में कुछ छिपाने की कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं।
विज्ञापन

एडीजी के निर्देश पर घटनास्थल की जांच करने फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने आग वाली जगह पर नमी पाई। अंदाजा लगाया गया कि आग का गोला बनी युवती पर पानी फेंका होगा। घर के बाहर जमीन में काले रंग के धब्बे मिले हैं। टीम ने मिट्टी का नमूना लिया है। घर की गहनता से छानबीन की गई। करीब आधे घंटे बाद टीम मौके से लौट गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें