इटावा। 28वीं वाहिनी पीएसी के प्रशिक्षु सिपाही का शव शनिवार रात स्नानागार में चादर के फंदे से लटका मिला। पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या मान रही है। हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। चचेरे भाई ने घटना पर संदेह जताया है।
आगरा जिले के खेड़ा थाने के अटा रसूलपुर गांव निवासी देशराज (24) पुत्र गोपीचंद 28वीं वाहिनी पीएसी परिसर में छह महीने का प्रशिक्षण ले रहा था। इसी परिसर में मौजूद बैरक में वह 23 अन्य प्रशिक्षुओं के साथ रह रहा था। पीएसी के सहायक कमांडेंट जगमोहन यादव ने बताया कि गत शनिवार की रात देशराज ने फांसी लगा ली। एएसपी सिटी रामयश सिंह ने बताया कि उसने फांसी लगाने के लिए अपनी ओढ़ने वाली चादर का इस्तेमाल किया।
रविवार सुबह करीब पौने छह बजे बैरक के प्रशिक्षु साथी स्नानागार में गए तो देशराज का शव फंदे पर लटका मिला। हड़बड़ाए साथियों ने अधिकारियों को सूचना दी। शव को उतारकर तखत पर रखा गया। पीएसी से ही परिजनों को खबर दी गई। मृतक के मजदूर पिता गोपीचंद्र व उसके ताऊ का पुत्र भीकम सिंह आदि परिजन मौके पर पहुंचे। भीकम सिंह ने कहा कि रविवार सुबह करीब छह बजे पीएसी की ओर से आए फोन से इसकी जानकारी मिली। सुबह 9 बजे परिजन इटावा आ गए थे। उन्होंने कहा कि उसका भाई खुदकुशी नहीं कर सकता। वह बहुत मेहनती था।
अफसर खुदकुशी करने की बात कर रहे हैं, जो उसके गले नहीं उतर रही। जरूर कोई और बात है, जो अभी सामने नहीं आई है। आगे क्या करना है, इसका निर्णय परिवार में चर्चा करके लेंगे। फ्रेंड्स कालोनी थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। सहायक कमांडेंट ने बताया कि आत्महत्या करने की वजह साफ नहीं हुई है। न ही शव के पास कोई सुसाइड नोट मिला है।