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सराफ के बेटे का दिनदहाड़े अपहरण

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मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद)। स्कूल से छोटी बहन के साथ शुक्रवार को घर लौट रहे सराफ के बेटे का मोहल्ले के ही युवक ने अपहरण कर लिया। अपहृत बच्चे को उसने हाथरस से आए अपने तांत्रिक मामा को सौंप दिया। पुलिस ने सराफ की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर युवक, उसकी मां, पिता और बहन को पकड़ा। देर रात कासगंज के सिड़पुरा में स्कॉर्पियो का पीछा कर बच्चे को मुक्त कराकर तांत्रिक को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अपहरण फिरौती के लिए किया गया था।
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राजीवनगर मोहल्ले में रहने वाले सराफ मोहन वर्मा का छह वर्षीय पुत्र कृष्णा वर्मा व तीन वर्षीय पुत्री ईशानी वीवीएस पब्लिक स्कूल में केजी टू व केजी में पढ़ते हैं। दोनों दोपहर में स्कूल से पैदल घर लौट रहे थे। रास्ते में मोहल्ले के ही सौरभ चिक व उसका दोस्त श्याम बाइक से मिल गए। इन लोगों ने दोनों बच्चों को घर छोड़ने की बात कहकर बाइक पर बैठा लिया। सौरभ ने ईशानी को घर पर उतार दिया और कृष्णा को लेकर चला गया। काफी देर तक कृष्णा नहीं आया तो परिजनों ने ईशानी से पूछा। ईशानी ने पूरी बात बता दी। परिजन सौरभ के घर गए। वह नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कुछ देर में ही सौरभ व उसकी मां, पिता, बहन को हिरासत में ले लिया।
सौरभ ने पूछताछ में बताया कि मामा सर्वेश चिक निवासी गांव रतीभानपुर थाना सिकंदराराऊ जिला हाथरस आठ दिन पहले बिना नंबर की स्कार्पियो से घर आया था। वह तांत्रिक है और उसने ही सौरभ को बालक के अपहरण के लिए कहा था। मामा बिना नंबर की कार से कृष्णा को ले गया। घटना की जानकारी मिलने पर आए एसपी डॉ. अनिल मिश्रा ने ईशानी से जानकारी करने के बाद आरोपी से पूछताछ की। पिता मोहन वर्मा की तहरीर पर मोहल्ले के ही सौरभ व श्याम के खिलाफ कृष्णा के अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। एसपी के आदेश पर कोतवाल राकेश कुमार पुलिस टीम के साथ कृष्णा को खोजने निकले। देर रात स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित, कासगंज के स्वाट टीम प्रभारी मुकेश कुमार ने पीछा कर सर्वेश चिक को कासगंज के सिड़पुरा से स्कार्पियो समेत पकड़कर बच्चे को मुक्त करा लिया। पूछताछ में आरोपी ने फिरौती के लिए अपहरण की बात स्वीकारी। गौरतलब है कि आरोपी सौरभ की बहन इन बच्चों को पढ़ाने जाती है। इससे अपहर्ताओं को अनुमान था कि फिरौती की अच्छी रकम वसूली जा सकती है।
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