कानपुर चौबेपुर में बिकरू गांव गाए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बीएस चौहान (बीच में), हाईकोर्ट के र?
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चौबेपुर (बिल्हौर)। बिकरू कांड की हाल-हकीकत जानने के लिए सुप्रीम कोर्ट की गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम मंगलवार की दोपहर गांव पहुंची। इस दौरान क्राइम सीन दोहराये जाने के साथ ही सीओ की हत्या समेत अन्य सभी स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया। विकास दुबे व अन्य अपराधियों ने कहां-कहां से गोलियां बरसाईं और आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में कितने लोग शामिल रहे। इन सब बिंदुओं पर अधिकारियों व ग्रामीणों से जानकारी हासिल की। लगभग एक घंटे तक बिकरू गांव में रुकी टीम के सदस्यों ने घटना के हर पहलू पर गहनता से छानबीन कर गांव वालों के बयान दर्ज किए।
जांच टीम के पहुंचने से पूर्व यहां क्राइम सीन दोहराने की सारी तैयारियां कर ली गई थीं। घटना की रात जिस स्थान पर विकास दुबे के घर का मुख्य रास्ता रोका गया था, ठीक उसी जगह जेसीबी खड़ी कराई गई। दोपहर 2:30 बजे गांव पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बीएस चौहान, प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक केएल गुप्ता, उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जज शशिकांत अग्रवाल ने सबसे पहले जेसीबी के पास खड़े होकर आईजी जोन मोहित अग्रवाल से सारी जानकारी ली। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने टीम के सदस्यों को प्रभात मिश्रा का वह घर दिखाया, जहां से घटना वाली रात सबसे अधिक गोलियां पुलिस पर दागी गईं थीं। टीम ने उस स्थान को सबसे पहले उस स्थान को देखा जहां से सीओ देवेंद्र मिश्रा की निर्मम हत्या की गई थी।
टीम के सदस्यों ने प्रेम प्रकाश पांडे की बहू व शशिकांत की पत्नी मनू से जानकारी हासिल कर बयान दर्ज किए। जांच टीम गोपाल सैनी के घर को देखने के बाद उसके भाई गोविंद सैनी के घर को भी देखा। जहां लोहे के दरवाजे और खिड़कियों पर गोलियों के निशान मौजूद थे।
टीम ने शौचालय के पास गई, जहां पांच पुलिसकर्मियों की हत्या कर शवों को जलाने के उद्देश्य से रखा गया था। उस दीवार को भी देखा, जहां से दिवंगत सीओ देवेंन्द्र मिश्रा जान बचाने के लिए प्रेमप्रकाश के आंगन में कूदे थे। आयोग के सदस्यों ने प्रवीण उर्फ बउआ दुबे, अतुल व अमर दुबे के घरों का भी विधिवत मुआयना किया। आखिर में गांववालों के बयान दर्ज किए।
गांव वालों ने एक स्वर में विकास दुबे की दबंगई व अत्याचार की दास्तान टीम के सदस्यों को सुनाई। लगभग घंटे भर तक गांव में रुकी टीम के सदस्यों ने मौके पर मौजूद डीएम ब्रह्मदेव राम तिवारी, आईजी जोन मोहित अग्रवाल, एसएसपी प्रीतिंदर सिंह से भी घटना के बाबत चर्चा व जानकारी जुटाई।