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छावनी में तब्दील बिकरू, चप्पे-चप्पे पर आरएएफ तैनात

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फोटो - फोटो : DEHAT
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बिल्हौर (कानपुर)। कुख्यात विकास दुबे की मौत के बाद शनिवार को बिकरू और भीटी गांव के चप्पे चप्पे पर आरएएफ के जवान तैनात किए गए। साथ ही कानपुर के कई थानों की फोर्स और 112 वाहन लगाए गए है। पल-पल पर जानकारी के लिए सादी वर्दी में भी एसटीएफ व अन्य जांच एजेंसियों के लोग गांव में मौजूद हैं।
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कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की मौत के 24 घंटे बात बिकरू गांव छावनी में तब्दील हो गया। तीन बसों से करीब 150 आरएएफ के जवान गांव पहुंच गए। विकास दुबे की कोठी सहित पूरे गांव में 10-10 की संख्या में फैल गए। इतनी बड़ी संख्या में आरएएफ के बिकरू गांव पहुंचने पर बुजुर्ग-महिलाएं व बच्चे घरों में दुबक गए। कई जांच अधिकारी कुख्यात विकास दुबे और उसके आसपास के घरों में आई महिलाओं-युवतियों से जानकारियां लेते दिखे।
पुलिस की मुनादी, लूटे हथियार ग्रामीण करें वापस
पुलिस टीम पर हमला और उनकी हत्या के बाद अत्याधुनिक शस्त्रों के लूट के नौ दिन बाद शनिवार को पुलिस ने मुनादी करवाई।
गांव में घूम-घूमकर लूटे गए शस्त्रों को वापस करने की अपील ग्रामीणों से की। बता दें कि पुलिस, एसटीएफ और अन्य जांच अधिकारियों के दबाव के भय से गांव के युवक व अधेड़ भाग गए हैं। गांव में सिर्फ बुजुर्ग और महिलाएं ही हैं। मुनादी में पुलिस अधिकारियों ने 24 घंटे में शस्त्र वापस न करने और खोजबीन में शस्त्र बरामद होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
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महिलाएं बोलीं, अब पुलिस कर रही परेशान
बिकरू और भीटी गांव में महिलाओं-बच्चों के चेहरे पर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खात्मे के बाद सुकून दिखाई दिया। लेकिन कई महिलाओं ने बताया कि पहले विकास पंडित का सितम था। विकास पंडित कभी बहन-बिटिया के सामने गलत बात नहीं करते थे। घटना के बाद से कई बार पुलिस अधिकारी जांच की आड़ में बिना सूचना व धड़ल्ले से घर में घुस आते हैं। यदि कुछ कहो तो उल्टा दबाव बनाने लगते हैं। गांव की महिलाओं ने पुलिस के आलाधिकारियों से उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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