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विकास के आशीर्वाद से मिलती थी प्रधानी

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फोटो - फोटो : DEHAT
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बिल्हौर (कानपुर)। करीब 20 वर्षों के आपराधिक और राजनैतिक जीवन से जिला पंचायत, ग्राम प्रधान, ब्लाक प्रमुख के चुनावों में गहरा दबदबा बना लेने से विकास पंडित की इलाके में तूती बोलती थी। शिवराजपुर, चौबेपुर, कल्याणपुर थाना, शिवली (कानपुर देहात) में विकास पंडित के विरुद्घ मारपीट, हत्या, हत्या के प्रयास, जमीन कब्जा, सरकारी अफसरों से झगड़ा, एससीएसटी, हत्या के प्रयास हत्या आदि जैसे 60 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। दो दशकों में स्थानीय अपराधी ने अपनी क्षेत्रीय हनक बना ली।
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राज्यमंत्री के दर्जा प्राप्त संतोष शुक्ला हत्याकांड के बाद विकास दुबे का रुतबा क्षेत्र लगातार बढ़ता गया। चाहे किसी भी दल की सरकार को विकास दुबे की गहरी पैठ और स्थानीय विधायक, सांसद से करीबी होने का उसे पूरा लाभ मिला। बीते दो पंचायत चुनावों में विकास दुबे की हनक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिकरू ग्राम पंचायत के अलावाड कंजती, आंटी सखरेज, काशीराम निवादा, तकीपुर, भीटी, देवकली, सकरवां आदि ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य वहीं होता था] जिसको विकास पंडित का आशीर्वाद मिलता था।
शिवराजपुर ब्लॉक व नगर पंचायत और कानपुर देहात के शिवली नगर पंचायत और ग्राम पंचायत में भी विकास पंडित के दखल के बिना कोई प्रत्याशी नहीं जीतता था। वर्ष 2015 के ब्लाक प्रमुख चुनाव में शिवराजपुर ब्लाक परिसर में ब्लाक प्रमुख का आवेदन करने आए एक प्रत्याशी को विकास पंडित और उसके गुर्गों ने पकड़कर जमकर पीटा भी था। तब स्थानीय निर्वाचन अधिकारी-पुलिस चुप्पी साध गई थी।
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घिमऊ जिला पंचायत चुनाव में अपनी पत्नी रिचा दुबे को प्रत्याशी बनाने के लिए एक पार्टी के जिलाध्यक्ष की बहू और उसके बेटों से गर्मागर्मी की चर्चा खूब रहीं। इसके बाद भी विकास पंडित की पत्नी रिकार्ड मतों से जीती। चौबेपुर, शिवराजपुर में कोई भी उद्यम, फैक्टरी, शीतगृह बिना विकास पंडित शुरू नहीं होता।
पिता को नसीब हुई नमक रोटी व उबले आलू
बिल्हौर। पुलिस मुठभेड़ के बाद से विकास गांव से फरार है। उसके बुजुर्ग पिता रामकुमार दुबे को भी बेटे की करतूत का पता शुक्रवार को लगा। दोपहर में रामकुमार को नमक-रोटी ही नसीब हो सकी। दांत न होने से घर की नौकरानी रेखा उन्हें आलू उबाल कर खिलाए। बड़े-बड़े अफसरों के घर पहुंचने और विकास पंडित की औरैया मुठभेड़ में मौत की अफवाहों के बीच रामबाबू उबले आलू का एक-एक टुकड़ा पानी पी-पीकर निगल रहे थे। पुलिस द्वारा विकास पंडित की लक्जरी गाड़ियों और घर के सामान को तोड़ देने की चर्चा रामबाबू आने-जाने वालों से करते रहे।
बुजुर्ग पिता का छोड़ भागा शातिर
चौबेपुर (बिल्हौर)। शातिर अपराधी विकास दुबे घटना को अंजाम देने के बाद गायब हो गया। लेकिन घर के एक कमरे में पड़े डबल बेड पर लेटे उसके पिता रामकुमार दुबे की मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही थी। कभी वह बेटे को कसूरवार ठहरा कर उसे कड़ी सजा दिलाने की बात कह रहे थे तो कभी अपने बेटे को बेकसूर फसाने की बात कहे जा रहे थे। नौकरानी ने बताया कि वह ग्राम नदासिया, गुरसहायगंज, कन्नौज की रहने वाली है। करीब पांच वर्षों से अपने पति कल्लू के साथ विकास दुबे के यहां रह रही है। बताया कि घर की साफ सफाई के अलावा पिता रामकुमार के लिए भोजन और दवा आदि देने की जिम्मेदारी निभाती है। जानकारी दी कि पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, उनका उपचार भी चल रहा है।
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