कोडीन युक्त कफ सिरप और अन्य नशीली दवाएं बाहर भेजने के मामले में दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर समेत अन्य शहरों के ट्रांसपोर्टरों से पूछताछ की जा सकती है। क्राइम ब्रांच और एसआईटी की जांच में वहां के ट्रांसपोर्टरों का नाम सामने आया है। शहर से काफी संख्या में कफ सिरप और नशीली दवाएं बिहार, बंगाल, राजस्थान, हरियाणा और प्रदेश के कई जिलों में भेजने की जानकारी क्राइम ब्रांच को मिली है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की रिपोर्ट में 47 फर्मों की डिटेल है जबकि ई-वे बिल में 340 फर्मों को दवाएं भेजने की जानकारी हुई। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कफ सिरप की आड़ में नशीली दवाओं के बेचे जाने में कलक्टरगंज, चकेरी, रायपुरवा, कल्याणपुर, हनुमंत विहार में एफआईआर दर्ज कराई थी। फर्म मालिक विनोद अग्रवाल समेत पर एनडीपीएस श्रेणी के अंतर्गत आने वाली कोडीनयुक्त कफ सिरप की बिक्री करने का आरोप लगा। प्राथमिकी दर्ज होने से पहले ही आरोपी फर्म मालिक फरार हो गया। उस पर 50 हजार का इनाम है।
क्राइम ब्रांच ने उसे हरियाणा के महेंद्रगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। क्राइम ब्रांच अधिकारियों के मुताबिक ई-वे बिल 340 फर्मों के नाम से बने हुए हैं। प्रारंभिक जांच में कुछ फर्में फर्जी मिली हैं। अगर फर्में फर्जी हैं तो दवाएं और कफ सिरप की शीशियां आखिर कहां गईं। क्राइम ब्रांच को दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी समेत अन्य शहरों के ट्रांसपोर्टरों की जानकारी हुई हुई। उसने पूछताछ की जाएगी।