शहजादपुर गांव के सामने हाइवे किनारे खेत में जलती पराली।
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कानपुर देहात। जिले में अब तक पराली जलाने की 11 घटनाएं हो चुकी है। सिकंदरा तहसील में सबसे ज्यादा नौ मामले सामने आए हैं। विभाग की ओर से पराली जलाने वालों से 35 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है।
जिला प्रशासन के लाख प्रयास के बाद भी पराली जलाने की घटनाएं कम नहीं हो रही है। कृषि विभाग के मुताबिक जिले में अब तक 11 जगहों पर पराली जलाने की घटना सामने आई है। सिकंदरा के नैनपुर, डाढापुर, अफसरिया, गौरी, हसनपुर, बकसौधी, रमऊ, सलेमपुर, उमरन, जल्लापुर आदि में नौ घटनाएं हो चुकी है। जबकि, विभाग की ओर से लगातार किसानों व अन्य लोगों को पराली न जलाने को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
उपकृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने बताया कि अवशेष जलाने के मामले में 35 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पराली जलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
हाईवे किनारे जलाया गया अवशेष
जिला प्रशासन के प्रयासों के बाद भी लोग पराली जला रहे हैं। मंगलवार को अकबरपुर कस्बे के शहजादपुर गांव में हाईवे किनारे खेत में पड़ी पराली को आग के हवाले कर दिया। घंटों तक खेत में आग के साथ वातावरण में धुआं बना रहा। घटना हाईवे किनारे होने के बाद किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना कि घटना के बाबत अधिकारियों से शिकायत की गई थी। उप कृषि निदेशक विनोद कुमार का कहना है कि जानकारी नहीं हो सकी। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)