रसूलाबाद। समग्र शिक्षा एवं निपुण भारत मिशन के तहत चंद्रप्रभा शर्मा डिग्री कॉलेज में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे दिन मंगलवार को शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण तकनीकों की जानकारी दी गई। एआरपी ने कहा कि बच्चों सीखने के लिए कक्षा में सकारात्मक, तनावमुक्त व सहायक वातावरण बनाया जाना चाहिए।
एआरपी सोनू सिंह ने कहा कि शिक्षक बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित करें, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाएं और उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुनें। संदर्भदाता हिमांशु गुप्ता ने कहा कि बच्चों की अलग-अलग सीखने की गति और समझ को धैर्य व सहानुभूति के साथ समझना बेहद जरूरी है, इससे वे बिना किसी झिझक के प्रश्न पूछ सकें। एआरपी पारुल निरंजन ने वर्तमान सत्र से कक्षा एक, दो व तीन में लागू एनसीईआरटी आधारित गणित की नई पुस्तकों की विशेषताओं की जानकारी दी।
संदर्भदाता दिनेश कुमार और शैलेश पाल ने शिक्षण में नवीनता और रचनात्मकता के प्रयोग पर बल देते हुए कहा कि खेल-खेल में चित्रों और विविध गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को बार-बार अभ्यास कराएं। इससे उनमें पढ़ाई के प्रति रुचि बनी रहती है। यहां शिक्षक उर्मिला देवी, संगीता देवी, पंकज कुमार, जयपाल सिंह, गोविंद सिंह, कोमल, अनामिका, प्रियंका यादव आदि मौजूद रहीं।