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यमुना नदी के पुल के एक पिलर में आईं दरारें, सूचना मिलने के बावजूद नहीं पहुंचे अधिकारी

Tue, 29 May 2018 10:50 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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यमुना डिभौली पुल के पिलर में आई दरार - फोटो : अमर उजाला
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बकेवरः इटावा-ग्वालियर मार्ग के उदी चंबल नदी के पुल के बाद अब लखना चकरनगर मार्ग का यमुना नदी का डिभौली पुल के पिलर में भी दरारें आ गईं हैं। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने मंगलवार को प्रशासनिक अफसर को दी, लेकिन अधिकारी पुल के निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचे हैं। ओवरलोडिंग से पुल में दरारें आईं।
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चंबल पुल के बंद होने से मध्य प्रदेश से आने वाले वाहनों को लखना चकरनगर मार्ग के यमुना नदी पुल से गुजारा जाने लगा। ओवरलोड होने से ढाई दशक पुराने यमुना डिभौली घाट के यमुना नदी के एक पिलर में दरार आ गई है। साथ ही पुल की स्लैब को सपोर्ट करने वाला पिलर का ऊपरी हिस्सा भी चटकने लगा है।

यह दरार चकनगर की ओर से पांचवें पिलर के ऊपरी भाग में आई है, जहां कि पिलर पुल को सपोर्ट करता है और पुल से गुजरने वाले वाहनों के वजन को अपने ऊपर ले लेता है। यमुना पुल के पिलर में दरार आने की बात पुल के नीचे की जमीन पर खेती कर रहे किसानों ने बताई।
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यमुना नदी के पुल के एक पिलर में आईं दरारें - फोटो : अमर उजाला
उनका कहना है कि ढाई दशक पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे स्व. गौरीशंकर ने कराया था। लोगों का मानना है कि इटावा-ग्वालियर मार्ग पर विगत दिनों चंबल नदी पुल पर आई खराबी के बाद यातायात का दबाव यमुना डिभौली पुल पर बढ़ा है। इससे पुल के पिलर में दरार व पुल को सपोर्ट करने वाले हिस्से में दरार आई है।


उपजिलाधिकारी चकरनगर बृजपाल ने कहा कि इस संबंध में पहले कोई जानकारी नहीं थी। मौके पर जाकर देखेंगे तथा पीडब्ल्यूडी व सेतु निर्माण निगम के अधिकारियों को सूचित कर रहे हैं। वह मामले को देखेंगे। सेतु निर्माण निगम के महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि जानकारी मिलते ही टीम को भेजा जा रहा है। अगर पुल में गड़बड़ी आई है तो फिर उसको ठीक कराया जाएगा।
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