उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार सोमवार से अदालतों में न्यायिक कार्य शुरू हो जाएगा। प्रभारी जिला जज मो. रियाज ने बार और लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों संग बैठक कर कामकाज की रूपरेखा तय की।
अदालतें खुलने पर फिलहाल सत्र न्यायालय में क्रिमिनल अपील व रिवीजन, अंतिम बहस से संबंधित पत्रावलियां और अंडर ट्रायल से संबंधित विचारण होंगे। सिविल जज और परिवार न्यायालय में सुलह-समझौते, उत्तराधिकार व अंतिम बहस से संबंधित मामलों की ही सुनवाई होगी।
मजिस्ट्रेट न्यायालय में लघु अपराध, शमनीय, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) व अंतिम आख्या से संबंधित मामलों की सुनवाई होगी। साथ ही अंडर ट्रायल बंदियों के ऐसे मामले जिनमें पहले ही सभी साक्ष्य दर्ज किए जा चुके हों और सत्र परीक्षणीय मामलों को सत्र न्यायालय भेजने से संबंधित कार्यवाही की जाएगी।