वहीं, दूसरे आरोपी भानु प्रताप के विरुद्ध अदालत ने 11 अक्तूबर 2020 को गैर जमानती वारंट जारी किया था, लेकिन अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। सोमवार को इस केस की सुनवाई करते हुए एसीजेएम व एमपी-एमएलए कोर्ट की न्यायाधीश गरिमा सिंह ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई।
आरोपी के अधिवक्ता मनोज यादव ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया कि बाल कुमार पटेल बीमार हैं और रायबरेली में भर्ती हैं। अदालत के समक्ष पेश होने के लिए 15 दिन का समय मांगा, लेकिन न्यायाधीश उनकी अर्जी खारिज कर दी। डीजीपी और डीआईजी और एसपी चित्रकूट को एनवीडब्ल्यू के तहत गिरफ्तारी के लिए आदेश दिए हैं।