सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकाने के आरोप में कोर्ट ने नोटिस भेजा है। इसके लिए मुलायम सिंह का वॉयस सैंपल लेना है। लेकिन यह रास्ता पुलिस के लिए उस वक्त मुश्किल हो गया जब...
अमिताभ ठाकुर और मुलायम सिंह
मंगलवार को एक सिपाही नोटिस लेकर उनके आवास पहुंचा, जहां सुरक्षाकर्मियों ने उसे बैरंग लौटा दिया। एएसपी ने कहा कि मुलायम को रजिस्टर्ड डाक से नोटिस भेजा गया है।
ऐसे में आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकाने के आरोपी सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का वॉयस सैंपल लेने का रास्ता पुलिस के लिए आसान नहीं दिख रहा। मामले की विवेचना कर रहे एएसपी हजरतगंज अवनीश कुमार मिश्रा ने कहा कि आईपीएस ने तो वॉयस सैंपलिंग के लिए सहमति दे दी है लेकिन मुलायम की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है।
एएसपी का कहना है कि अगर मुलायम भी सहमत हो जाते हैं तो फोरेंसिक टीम को बुलाकर दोनों की आवाज के नमूने लिए जाएंगे। वॉयस सैंपलिंग के लिए किसी से जबरदस्ती नहीं की जा सकती। इसके लिए संबंधित व्यक्ति की सहमति जरूरी है। अगर मुलायम सहमत नहीं होंगे तो उनकी वॉयस सैंपलिंग नहीं की जाएगी।
डेमो
इस बाबत मुलायम सिंह की तरफ से जवाब आते ही कोर्ट को अवगत कराया जाएगा। गौरतलब है कि अदालत भी किसी व्यक्ति को वॉयस सैंपलिंग के लिए बाध्य नहीं कर सकती। यही वजह है पुलिस मुश्किल में फंसी हुई है। मुलायम के वॉयस सैंपल न देने से केस की विवेचना प्रभावित होगी।
उल्लेखनीय है कि 10 जुलाई, 2015 को अमिताभ ठाकुर ने मुलायम सिंह यादव पर उन्हें फोन कर धमकाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिया। इसके बाद भी अमिताभ ठाकुर ने कानूनी संघर्ष जारी रखा। 20 अगस्त 2016 को सीजेएम ने इस मामले में पुलिस की ओर से दी गई अंतिम रिपोर्ट खारिज करते हुए क्षेत्राधिकारी हजरतगंज से विवेचना कराये जाने और कॉम्पैक्ट डिस्क की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला में कराने के आदेश दिए थे।
-वॉयस सैंपलिंग पर मुलायम खामोश, मुश्किल में पुलिस
-आईपीएस अफसर को फोन पर धमकाने के मामले में कोर्ट ने दिए थे वायस सैंपल लेने के आदेश
-मुलायम के घर से लौटा दिया गया सिपाही तो सीओ ने रजिस्टर्ड डाक से भिजवाया नोटिस