पिता की मर्जी के बगैर मकान में रह रहे बेटा-बहू को कोर्ट ने बेदखल कर दिया है। एसडीएम सदर संजय कुमार की कोर्ट ने वृद्ध के हक में फैसला सुनाते हुए सीसामऊ पुलिस को आदेश का अनुपालन कराते हुए सात दिन में आख्या भी देने को कहा है। कानपुर गांधी नगर थाना सीसामऊ निवासी तौकीर अहमद ने बेटे मुशीर अहमद, उसकी पत्नी तैयब सिद्दीकी उर्फ हनी के खिलाफ मुकदमा दाखिल किया था। इसमें तौकीर ने बताया था कि यह तीन मंजिला मकान उसने अपनी कमाई से बनवाया है।
1984 में वह सऊदी अरब चला गया था और वहां 35 साल नौकरी की। बेटे और बेटियों की पढ़ाई के साथ ही निकाह कराया। मुशीर अहमद ने अपनी मर्जी से निकाह किया था। इसके बाद बेटा, बहू, बेटे की सास नूरूसबा, साला मोहम्मद ताहिर, उसकी पत्नी उजमा मकान की दूसरी मंजिल पर उसकी मर्जी के बगैर रहने लगे। मकान खाली करने को कहने पर मारपीट करते हैं। बेटे ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए पिता के चरित्र पर सवाल उठाए। कहा कि पिता की गलत हरकतों के कारण उसका एक भाई तौहीद बांसमंडी और दूसरा भाई इमरान किदवई नगर में अलग रहते हैं। जवाब में पिता ने कहा कि गलत आरोप लगाए हैं। पत्नी के निधन के बाद भी उसने दूसरी शादी नहीं की। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शुक्रवार को वृद्ध के पक्ष में फैसला सुनाया।