तौरा गांव के पास भादिन नहर माइनर की पटरी पर एक नवविवाहित दंपती के शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़े मिले हैं। शवों के ठीक पास उनकी बाइक खड़ी पाई गई है और तड़पने की वजह से दोनों के शरीर में भारी मात्रा में मिट्टी लगी हुई थी। खास बात यह है कि दोनों के शरीर पर चोट के कोई जाहिरा निशान नहीं हैं, जिसके चलते पुलिस प्रथम दृष्टया जहर खाकर खुदकुशी किए जाने की आशंका जता रही है। हालांकि, घटनास्थल की अजीबोगरीब स्थिति और शादी के महज तीन महीने बाद इस खौफनाक कदम के पीछे के कारणों को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं और सस्पेंस गहरा गया है।
तीन महीने पहले मंदिर में की थी लव-मैरिज
पुरवा कोतवाली के तूरी गांव निवासी अनिल कुमार शुक्ला ( 58) पेशे से झोलाछाप डॉक्टर थे और तारनखेड़ा चौराहे पर अपना दवाखाना चलाते थे। अनिल शुक्ला ने महज तीन महीने पहले ही अपने से आधी उम्र की युवती सोनी लोध (उम्र 28 वर्ष) निवासी निद्धा खेड़ा के साथ आर्य समाज मंदिर में दूसरी शादी की थी।
गमछे पर पति तो दुपट्टे पर पड़ी थी पत्नी की लाश
सोमवार की शाम करीब सात बजे भादिन नहर माइनर पटरी से पुरवा जाने वाले रास्ते पर राहगीरों ने जब दो शवों को पड़े देखा, तो उनके होश उड़ गए। अजीब बात यह थी कि अनिल का शव जमीन पर बिछे उसके गमछे पर और सोनी का शव उसके अपने दुपट्टे पर व्यवस्थित तरीके से पड़ा था।
घर आए थे या ससुराल गए थे? घटनास्थल की दूरी खड़े कर रही सवाल
घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति इस पूरे मामले में एक बड़ा रहस्य पैदा कर रही है। जिस स्थान पर दोनों के शव मिले हैं, वहां से मृतक अनिल शुक्ला के गांव तूरी की दूरी महज डेढ़ किलोमीटर है, जबकि मृतका सोनी के मायके निद्धाखेड़ा की दूरी नौ किलोमीटर है।
तीसरे की एंट्री और मनमुटाव की चर्चा; पुलिस खंगाल रही CDR
इलाके में एक और चौंकाने वाली चर्चा तैर रही है कि शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया था। चर्चाओं के अनुसार, मृतका सोनी किसी अन्य युवक के संपर्क में थी और वह अनिल से यह रिश्ता तोड़ना चाहती थी, जिसे लेकर पिछले कुछ दिनों से दोनों में भारी मनमुटाव चल रहा था। हालांकि, सोनी के पिता रामशंकर और मां शिवकली समेत अन्य परिजनों ने ऐसी किसी भी जानकारी से साफ इनकार किया है। इकलौते कमाऊ सदस्य और बेटी की मौत से दोनों परिवारों में कोहराम मचा है।