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उन्नाव: एलटी लाइन टूटने से कंटीले तारों में दौड़ा करंट चपेट में आए दंपति की मौत

Thu, 19 Sep 2019 08:16 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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करंट से माता पिता की मौत के बाद गम में डूबे बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव के गांव मददूखेड़ा में गुरुवार सुबह सब्जी तोड़ने खेत गए दंपति कंटीले तार की बाड़ पर गिरे एलटी लाइन के तार से उतरे करंट की चपेट में आ गए। भाई बचाने पहुंचा तो वह भी झुलस गया। ग्रामीणों ने तीनों को सीएचसी पहुंचाया जहां डॉक्टर ने दंपति को मृत घोषित कर दिया। जबकि भाई को इलाज चल रहा है।
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आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया। सूचना पर क्षेत्रीय विधायक, डीएम, एसपी और ब्लॉक प्रमुख पहुंचे और मृतक आश्रितों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 

 

अजगैन कोतवाली क्षेत्र के गांव मद्दूखेड़ा निवासी नक्के (40) पुत्र मुन्नीलाल अपनी पत्नी मुन्नी (36) के साथ गुरुवार सुबह सब्जी तोड़ने अपने खेत पर गया था। खेतों के किनारे मवेशियों से फसल को सुरक्षित करने के लिए लगाए गए लोहे के कंटीले तारों को हटाने लगा तो उसमें आ रहे करंट से चिपककर छटपटाने लगा।

पति की यह हालत देख पत्नी मुन्नी ने उसे छुड़ाने के लिए पीछे से पकड़ लिया। इससे वह भी चिपक गई। इसी बीच पीछे से आ रहे नक्के के भाई गुड्डू से जब दोनों को यह हालत देखी तो वह भी उन्हें छुड़ाने पहुंच गया। जिससे उसे भी करंट का तेज झटका लगा और वह झुलस गया। हादसे के बाद गुड्डू ने शोर मचाया तो आसपास खेतों में मौजूद ग्रामीण पहुंचे।

 
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ग्रामीणों के मुताबिक, खेत से गुजरी एलटी लाइन का तार बुधवार रात ही टूटकर कंटीले तारों में फंस गया था। जिससे उसमें करंट उतर रहा था। गांव के लोगों ने ही विभाग के सीयूजी नंबर पर फ ोन कर आपूर्ति बंद कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि काफ ी देर बाद आपूर्ति बंद की गई। तब तक दंपति की हालत खराब हो चुकी थी। नक्के के एक हाथ का मांस तक गायब हो गया था।

घटना के बाद ग्रामीण तीनों को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे जहां ईएमओ शैलेंद्र अस्थाना ने दंपति को मृत घोषित कर दिया। वहीं भाई गुड्डू का इलाज किया गया। ग्रामीणों के आक्रोश पर मौके पर बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके सिंह को बुलाया गया। विधायक, डीएम ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये देने की बात कही। तब ग्रामीण शांत हुए और पुलिस को शव ले जाने दिया।
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