इटावा। जिले के हर ब्लॉक में दो-दो विद्यालयों को स्किल लैब के रूप में विकसित किया जाएगा। बच्चों को स्कूल में ही विभिन्न क्रिया कलापों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यालयों को स्किल लैब के रूप में विकसित किया जाना है। इस दिशा में काफी तेजी से काम चल रहा है। पहले चरण में हर ब्लॉक के दो उच्च प्राथमिक या कंपोजिट विद्यालयों में लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। विज्ञान के प्रयोग सहित अन्य माध्यमों से बच्चों को करके सिखाया जाएगा। इसमें शिक्षक व प्रशिक्षक बच्चों को चार ट्रेड में दक्ष करेंगे।
टूल्स, किट, लैब से जुड़ी अन्य आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। जिले में आठ ब्लॉक सहित एक नगर क्षेत्र है। इस तरह कुल 18 उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों का चयन किया जाएगा। बीएसए डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि विभाग से निर्देश प्राप्त हुए हैं। प्रत्येक ब्लॉक में दो विद्यालयों को स्किल लैब के रूप में विकसित किया जाएगा।
इन चार ट्रेड में दिया जाएगा प्रशिक्षण
इसके तहत जूनियर हाईस्कूल के विद्यार्थियों को जिन चार ट्रेडों का प्रशिक्षण दिया जाना है, उनमें इंजीनियरिंग एंड वर्कशॉप, एनर्जी एंड एनवायरमेंट, एग्रीकल्चर, नर्सरी व गार्डनिंग और होम एंड हेल्थ शामिल है।
कंपोजिट ग्रांट से होंगे काम
महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने निर्देश जारी किए हैं कि चयनित विद्यालयों में प्रयोगशाला की स्थापना, चार ट्रेड से जुड़े टूल, किट, लैब से जुड़ी अन्य सामग्री लेकर आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। साथ ही कक्षा की रंगाई-पुताई, मरम्मत आदि के काम भी करा लिए जाएं। इसमें कंपोजिट ग्रांट का इस्तेमाल किया जाए।