कानपुर के कई शिक्षण संस्थानों ने महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों को आइसोलेशन सेंटर के रूप में इस्तेमाल करने की अपील सरकार से की है। कई डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेजों ने यह प्रस्ताव दिया है।
प्रणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन प्रण्वीर सिंह ने कहा कि इस संकट की घड़ी में पूरी तरह से सरकार और प्रशासन के साथ है। एडीएम सिटी ने इंजीनियरिंग कॉलेज को आइसोलेशन वार्ड बनाने पर चर्चा की थी। शिक्षण संस्थान में काफी जगह है। दो हजार तो बेड की जगह है। जरूरत पड़ी तो संस्थान को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया जाएगा।
रामा यूनिवर्सिटी के निदेशक प्रणव सिंह ने कहा कि संस्थान में क्वारंटीन वार्ड और आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए हैैं। शासन स्तर पर बात चल रही है, सरकार को सूचना दे दी गई है। दयानंद शिक्षण संस्थान के सचिव नागेेंद्र स्वरूप ने कहा कि सरकार ने हॉस्टलों की सूचना मांगी है। जगह की कमी नहीं है, हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। उत्तर प्रदेश महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने कहा कि उनके निजी विद्यालय भी आइसोलेशन वार्ड बनने के लिए तैयार हैं।
सरकार ने मांगी सरकारी हॉस्टल की सूचना
प्रदेश सरकार ने सभी डिग्री कॉलेज और यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों सूचना क्षेत्रीय उच्च अधिकारी से मांगी है। क्षेत्रीय उच्च अधिकारी अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि डीएवी, छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी और वीएसएसडी डिग्री कॉलेज के हॉस्टल के लिए सूचना दी गई है। डीएवी के बी ब्लॉक में 40 कमरों, वीएसएसडी डिग्री कॉलेज में 120 कमरों, 24 शौचालयों की उपलब्धता है। यूनिवर्सिटी में गेस्ट हाउस और हॉस्टल मिलाकर 558 कमरों की व्यवस्था है। सबकी सूची सरकार को दी गई है।