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कानपुर: हॉटस्पॉट में खुल रहे बैंक, कर्मचारी परेशान, अब तक पांच बैंक कर्मी हो चुके हैं कोरोना संक्रमित

Mon, 22 Jun 2020 09:53 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : गूगल
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कानपुर में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है और बैंक हैं कि रोकथाम की व्यवस्था मानने को तैयार नहीं है। शहर के कई हॉटस्पॉट में बैंक शाखाएं लगातार खुल रहीं हैं। सोमवार को भी हॉटस्पॉट एरिया के 250 मीटर के दायरे में कई बैंक शाखाएं खुलीं।
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इनमें से कई बैंक शाखाओं के कर्मचारियों ने क्षेेत्रीय कार्यालयों में फोन करके उच्चाधिकारियों से विरोध भी दर्ज कराया। इसके बाद भी इन्हें बंद करने को लेकर कोई आदेश नहीं हुआ। अनलॉक-1 में नई व्यवस्था के मुताबिक हॉटस्पॉट घोषित एरिया में ही बैंक शाखा बंद रखने का आदेश है।

पहले यह दायरा दो किलोमीटर का था। अब इसे घटाकर 500 मीटर और अब 250 मीटर कर दिया गया है। जिला प्रशासन के साथ ही अग्रणी बैंक प्रबंधक की ओर से भी हॉटस्पॉट एरिया में बैंक बंद रखने का आदेश दिया गया है।
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बीते दिनों पांडुनगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में एक अधिकारी के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद इस क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित किया गया था, लेकिन पास में ही खुली सेंट्रल बैंक शाखा में काम चलता रहा था। यही स्थिति फीलखाना थाना क्षेत्र में इलाहाबाद बैंक शाखा के दो कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अन्य बैंकों शाखाओं में रही।
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बिरहाना रोड में दर्जन भर से अधिक बैंक शाखाएं बहुत ही कम दूरी पर हैं। इलाहाबाद बैंक की वजह से हॉटस्पॉट घोषित हुए क्षेत्र में अन्य बैंक शाखाएं भी खुलीं। कचहरी हॉटस्पॉट एरिया में सिंडीकेट बैंक की शाखा लगातार खुल रही है।

बिरहाना रोड में नवरंग टाकीज एरिया सील होने के बावजूद आसपास की बैंक शाखाएं खुल रहीं हैं। अग्रणी बैंक प्रबंधक एके वर्मा का कहना है कि कई बार इस वजह से भी बैंक शाखा खुल जाती है क्योंकि 250 मीटर का एरिया पता नहीं चलता। कर्मचारियों की शिकायत मिलने पर शाखाएं बंद कराई जाती हैं।

संक्रमितों के संपर्क में आए कर्मचारियों की जांच नहीं
शहर में अब तक पांच बैंक कर्मी पॉजिटिव आ चुके हैं। इनमें एक पंजाब नेशनल बैंक का, दो इलाहाबाद बैंक के और दो सिंडीकेट बैंक के कर्मचारी शामिल हैं। इस तरह से दो सौ से अधिक कर्मचारी इनके संपर्क में रहे हैं। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री रजनीश गुप्ता का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग सिर्फ उन्हीं लोगों की टेस्टिंग कर रहा है जिनमें कोरोना जैसे लक्षण पाए जाते हैं। जिन लोगों में ऐसे लक्षण नहीं मिलते उनकी जांच नहीं हो रही, जबकि संपर्क चेन में आने वाले सभी लोगों की जांच होनी चाहिए।
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