कौशलपुरी में रहने वाले वीरेंद्र धीर टीवी, एलसीडी के मैकेनिक हैं। बताया कि लॉकडाउन के बाद से काम बंद है। पहले दिन में तीन-चार टीवी, एलसीडी आदि खुद ठीक कर लेता था। इसके अलावा अन्य कर्मचारी भी थे, जो काम करते थे। अब घर पर हूं और बेरोजगार हूं।
केस दो
दर्शनपुरवा में रहने वाले अमर सिंह इलेक्ट्रीशियन हैं। बताया कि गर्मी के सीजन में कूलर आदि लगाकर अच्छी कमाई कर लेता था। कोरोना के चलते अब तो कोई घर पर भी नहीं बुला रहा है। अब किराना आदि की दुकान में काम करके रोजी-रोटी की व्यवस्था कर रहा हूं।
केस तीन
महाराणा प्रताप नगर विनायकपुर निवासी राजेश शर्मा की बुलेट, बाइक ठीक करने की दुकान राजकीय उन्नयन बस्ती कल्याणपुर में है। लॉकडाउन के कारण दुकान बंद है। बताया कि पहले दिन में दर्जनों बुलेट, बाइक आदि की मरम्मत करके अच्छी-खासी कमाई हो जाती थी पर अब घर में बैठे हैं और बेरोजगार हैं। पहले की गई बचत इस समय काम आ रही है।
केस चार
सागर मार्केट में मोबाइल रिपेयरिंग करने वाले शुभम ने बताया कि मोबाइल रिपेयरिंग की मशीनें दुकान पर ही रखी हैं। कई लोगों के फोन आते हैं कि मोबाइल में दिक्कत आ गई है लेकिन रिपेयरिंग न होने से उनकी सहायता भी नहीं कर पाते। कमाई भी जीरो हो चुकी है।
कानपुर के ये चारों केस महज बानगी भर हैं। लॉकडाउन से टीवी, इलेक्ट्रीशियन, ऑटो मैकेनिक, मोबाइल रिपेयरिंग करने वालों के सामने बड़ा संकट आ गया है। पहले इन लोगों के पास इतना काम होता था कि खाने का समय नहीं मिलता था पर अब ये सभी घर पर रहने को मजबूर हैं।