कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी।
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में एंटीजन जांच में निगेटिव आने वाले अपनी कंफर्मेटरी जांच आरटीपीसीआर नहीं करा रहे हैं। इससे कइयों में संक्रमण गंभीर रूप धारण कर ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिदिन कराई जा रहीं औसत तीन हजार से अधिक एंटीजन जांचों में 30 से 100 लोग ही कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं।
बाकी निगेटिव रिपोर्ट वाले संक्रमण के खतरे से बेफिक्र हो जा रहे हैं। जबकि इन सभी की आरटीपीसीआर जांच होनी चाहिए। कार्डियोलॉजी समेत दूसरे निजी अस्पतालों में आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट ही मान्य है। हैलट और उर्सला में एंटीजन जांच में निगेटिव आने वाले बहुत से मरीज आरटीपीसीआर में कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।
कोविड गाइडलाइन के मुताबिक एंटीजन पॉजिटिव रिपोर्ट वाले को संक्रमित माना जाएगा लेकिन निगेटिव आने वाले की दोबारा आरटीपीसीआर जांच कराकर कन्फर्म किया जाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि एंटीजन जांच में निगेटिव आने वाले बेफिक्र हो जा रहे हैं, जिससे उनका संक्रमण लेवल बढ़ जा रहा है।
ऐसे कई केस आए हैं जो एंटीजन जांच में निगेटिव थे लेकिन बाद में न्यूरो साइंसेज कोविड अस्पताल में लेवल थ्री की स्थिति में भर्ती हुए। कार्डियोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर विनय कृष्णा का कहना है कि मरीज की आरटीपीसीआर रिपोर्ट ही मान्य है। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव आने पर कंफर्मेटरी जांच जरूर कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।