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कोरोना वैक्सीनेशन: दोनों डोज लेने के बाद भी मास्क जरूरी, 70 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण हो जाने तक बरतें सावधानी

Sun, 16 May 2021 08:28 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पूरे देश में कोरोना महामारी कहर बरपा रही है। रोज सैकड़ों की मौत हो रही है। ऐसे में मास्क और उचित दूरी ही बचाव का एक मात्र तरीका है। वैक्सीन की डोज लगाने के बाद भी मास्क उतना ही जरूरी है जितना वैक्सीन लगने से पहले। 
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कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : Coronavirus vaccine
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विस्तार
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जब तक देश की आबादी के 70 प्रतिशत लोग वैक्सीन नहीं लगवा लेते, तब तक दोनों डोज लेने के बाद भी ऐसा मास्क लगाना जरूरी है, जिससे सूर्य की रोशनी न दिखे। अमेरिका में घोषणा की गई है कि वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद मास्क लगाना जरूरी नहीं।
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इसका कटाक्ष करते हुए फोर्टिस हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. राहुल भार्गव ने कहा कि अमेरिका में एक किलोमीटर में 32 लोग रहते हैं, जबकि अपने देश में 12 हजार लोग रहते हैं। ऐसे में जब तक ज्यादा से ज्यादा लोगों में वैक्सीनेशन के बाद हर्ड इम्युनिटी विकसित नहीं हो जाती, तब तक हमें सावधान रहने की जरूरत है।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) उत्तर प्रदेश की ओर से ‘कोरोना को कैसे हराया जाए’ विषय पर शनिवार को हुए वेबिनार में डॉ. भार्गव ने बताया कि सर्दी, जुकाम,  बुखार आते ही कोविड टेस्ट जरूर कराएं। खुद को आइसोलेट कर लें। कहा कि व्यापारी अपना काम करें लेकिन मास्क अनिवार्य रूप से लगाएं। घर, कार्यालय की खिड़की खुली रखें, पंखे तेज गति में चलाते रहें।
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उन्होंने प्लाजा थेरेपी को अनुपयोगी बताया और कहा कि वैक्सीन के दोनों डोज लगने के एक महीने के बाद शरीर में एंटीबॉडी बनती है। आठ साल से 18 साल के ऐसे युवा और बच्चे, जिन्हें सर्वाइकल कैंसर है, उनके वैक्सीनेशन पर जोर दिया। वेबिनार से राष्ट्रीय सचिव पंकज अरोरा, अशोक वाजपेयी, मणींद्र नाथ सोनी, जितेंद्र नाथ तिवारी, मनीष वर्मा आदि जुड़े।

यह जानकारी भी दी
ऑक्सीमीटर का उपयोग नेल पॉलिश हटाकर करना चाहिए। ऑक्सीजन लेवल 94 से नीचे आए तो छह मिनट तक टहलें। इसके बाद भी कम रहे तो डॉक्टर से संपर्क करें। 
- दिसंबर 2021 के अंत या 2022 की शुरुआत में 12 से 17 साल तक के बच्चों को टीका लगने की अनुमति मिल सकती है। 
- कोरोना पॉजिटिव हैं और दोनों डोज लग चुकी हैं, तो फेफड़ों में संक्रमण का असर नहीं होगा। 
- वैक्सीन लगवाने के बाद बुखार आए तो घबराएं नहीं। वैक्सीनेशन के बाद सीने में दर्द या कोई नीला धब्बा आए तो सतर्क हो जाएं।
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