कोरोना संदिग्धों को क्वारंटीन सेंटर ले जाने के लिए रोडवेज बसों का इस्तेमाल करने और ड्यूटी न बदलने का बुधवार को ड्राइवरों ने विरोध किया। इस काम के लिए जिला प्रशासन को रोडवेज ने छह बसें आवंटित की हैं। विकास नगर और किदवई नगर डिपो की दो-दो बसें तो मेडिकल स्टाफ को ढो रही हैं लेकिन फजलगंज डिपो की बसें संदिग्ध मरीजों को सेंटर ले जा रही हैं। बुधवार को ड्राइवरों ने चुन्नीगंज बस अड्डे पर विरोध में बसें खड़ी कर दीं। बाद में अफसरों के कहने पर वे माने।
दरअसल, 13 अप्रैल से फजलगंज डिपो के ड्राइवर विजय कुमार, राजकुमार, यशपाल सिंह, राकेश कुमार बसों से संदिग्ध मरीजों को क्वारंटीन सेंटर ले जा रहे हैं। तब से यह लोग एहतियात के तौर पर अपने परिजनों से भी नहीं मिल रहे हैं। इनका कहना था कि इन बसों की जगह संदिग्ध मरीजों को क्वारंटीन सेंटर ले जाने के लिए एंबुलेंस का इस्तेमाल होना चाहिए। आने वाले समय में इन बसों से यात्री ढोए जाएंगे। दूसरा सिर्फ चार ड्राइवरों की ड्यूटी ही पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से लगी है। अलग-अलग ड्राइवरों को बसों से भेजना चाहिए।
इस मामले में कानपुर क्षेत्र के आरएम संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि गुरुवार से ड्राइवरों की ड्यूटी बदल दी गई है। यूं भी चार ड्राइवरों को वैकल्पिक ड्यूटी के तहत तैनात किया गया था। सभी को पीपीई किट, ग्लव्स, हैंड सैनिटाइजर दिया गया है। यही किट मेडिकल टीम भी पहन रही है, जो कि सीधे मरीजों के संपर्क में आती है।