बिना कमांड सेंटर के कागज के अस्पतालों में रोगियों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। कमांड सेंटर की व्यवस्था पूरी तरह फ्लॉप है। यहां तीन मेडिकल अफसर और एक एसीएमओ की राउंड दि क्लॉक ड्यूटी है लेकिन कोई भी फोन नहीं उठा रहा था। कोविड सेंटर पर अगर किसी कर्मचारी ने धोखे से फोन उठा भी लिया तो जवाब नहीं दे पाया कि रोगी कहां ले जाएं? कमांड सेंटर की इस स्थिति से रविवार और सोमवार को पूरा शहर हलकान रहा।
सोमवार को गंभीर हालत में रोगी को लेकर परेशान तीमारदारों ने डेढ़-डेढ़ सौ बार फोन मिलाया लेकिन नहीं उठा। रोगियों का ऑक्सीजन सेच्युरेशन नीचे गिरता रहा। परेशान होकर तीमारदार कमांड सेंटर में घुस गए। सीएमओ डॉ. मिश्रा ने बताया कि कुछ निजी अस्पताल जो अपने बेड भरे बता रहे थे, उनके यहां काफी बेड खाली थे। मरीजों को भर्ती कराया गया है।
दरअसल हुआ यह था कि सिटी मजिस्ट्रेट ने कमांड सेंटर में तैनात स्टाफ के मोबाइल फोन बंद करा दिए थे। इससे हमारा कम्युनिकेशन बंद हो गया। एक ही फोन था। उस पर कॉल आ रही थीं। मौके पर पहुंचकर रोगियों को बेड आवंटित करा दिए हैं। लोग कमांड सेंटर के अंदर घुस आए थे, सारी व्यवस्था बिगड़ गई थी। अब एंबुलेंस से भिजवाने की व्यवस्था की जा रही है।
डॉ. अनिल कुमार मिश्रा, सीएमओ