कानपुर। कोरोना की तीन वैक्सीन के खातिर तीसरे ट्रायल के लिए चुना जाने वाला कानपुर प्रदेश का पहला शहर हो गया है। यहां तीन अलग-अलग वैक्सीन का दूसरा ट्रायल हुआ हैै। इससे शहर कोरोना वैक्सीन का हब बन गया है। यहां स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोवाक्सिन के तीसरे ट्रायल का अंतिम चरण चल रहा है। इसके साथ ही जाइडस कैडिला की वैक्सीन के ट्रायल के लिए तैयारी शुरू हो गई है। रूसी वैक्सीन का भी तीसरा ट्रायल जीएसवीएम मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग में प्रस्तावित है।
कोरोना के खिलाफ जंग में शहर ने कोरोना वैक्सीन के लिए अहम योगदान दिया है। भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की स्वदेशी वैक्सीन कोवाक्सिन के तीन ट्रायल हुए हैं। तीन ट्रायल में 1075 शहरियों ने हिस्सा लिया। इस वक्त आर्यनगर स्थित प्रखर अस्पताल में कोवाक्सिन के तीसरे ट्रायल का अंतिम चरण चल रहा है। अब तक करीब साढ़े पांच सौ लोग डोज ले चुके हैं। कुल एक हजार लोगों को डोज दी जानी है। इसके अलावा प्रखर अस्पताल में ही जाइडस कैडिला की कोरोना वैक्सीन का दूसरा ट्रायल हुआ है। कंपनी ने पहला ट्रायल दूसरे शहर में करवाया था। अब तीसरे ट्रायल की तैयारी की जा रही हैै। एक सप्ताह में ट्रायल की तिथि घोषित कर दी जाएगी। तीसरा ट्रायल शुरू करने संबंधी अभिलेख भेज दिए गए हैं।
स्वदेशी वैक्सीन कोवाक्सिन के चीफ इंवेस्टीगेटर प्रखर अस्पताल के चीफ फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा हैं और जाइडस कैडिला के चीफ इंवेस्टीगेटर पूर्व डीजीएमई डॉ. वीएन त्रिपाठी हैं। रेड्डी फार्मा की रूसी वैक्सीन का दूसरा ट्रायल मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग में हो गया है। तीसरा ट्रायल भी यहीं प्रस्तावित है लेकिन अभी तिथि नहीं आई है। डॉ. कुशवाहा ने बताया कि जाइडस कैडिला की वैक्सीन का तीसरा ट्रायल जल्दी शुरू होगा।