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कोरोना संक्रमितों की मौत में कानपुर प्रदेश में टॉप

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कानपुर। कोरोना संक्रमितों की मौत के मामले में कानपुर प्रदेश में टॉप पर है। इससे शहर के हेल्थ सिस्टम की पोल खुल गई है। दावे खोखले हैं। रोगियों को ढंग से इलाज नहीं मिल पा रहा है। इससे मौत हो रही है। खासतौर पर गंभीर रोगियों को ढंग का इलाज नहीं मिलता। अधिकतर बुजुर्ग और पुराने रोगी मरे हैं। मरने वालों में वे लोग भी शामिल हैं जिनमें सिर्फ कोरोना के लक्षण ऊभरे। इनकी उम्र भी कम रही है।
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शहरियों में जुलाई का महीना बहुत भारी गुजर रहा है। पहली जुलाई तक 52 कोराना संक्रमितों की मौत हुई थी और 23 जुलाई को यह आंकड़ा 156 पर पहुंच गया है। 23 दिनों में 104 लोगों की मौत हुई है। इतने दिनों में दो हजार 62 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। सबसे अधिक चिंता का विषय इलाज की समुचित व्यवस्था न हो पाना है। स्वास्थ्य विभाग अभी तक अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पाया। लेवल वन और लेवल टू के रोगियों की व्यवस्था उसी को करनी है। लेवल थ्री के लिए तय हैलट में अभी भी लेवल वन और टू दोनों के रोगी भर्ती हैं। इससे गंभीर रोगियों के लिए बेड की दुश्वारी आती है।
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल के मुताबिक एक तो कोमॉर्बिडिटि की वजह से रोगी की हालत बिगड़ती है। इसके साथ ही रोगी देर से रेफर होकर आते हैं। इससे दिक्कत पैदा हो जाती है। रोगियों का लोड बहुत अधिक है। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि बेड बढ़ाने के लिए इंतजाम कर रहे हैं। इससे लेवल वन और टू रोगियों की अलग व्यवस्था हो सकेगी।
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रोगियों को तुरंत इलाज नहीं, घंटों इंतजार : नगर में रोगियों के इलाज मुहैया कराने की व्यवस्था शासन की मंशा के विपरीत है। कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट आने के बाद लोग एक-दो दिन तक एंबुलेंस आने का इंतजार करते रहते हैं। उनकी हालत बिगड़ती रहती है और संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ता रहता है। इससे भी रोगियों को नुकसान होता है । अगर समय से इलाज मिले तो कई की जान बच सकती थी।
जूनियर डाक्टर के भरोसे रहते रोगी : हैलट में रोगी जूनियर डॉक्टरों के भरोसे रहते हैं। हालत यह है कि इंटर्न जिन्होंने अभी सिर्फ सिद्धांत पढ़ा है उन्हें कोविड ड्यूटी पर लगा दिया जाता है। सीनियर कंसल्टेंट संक्रमण से बचने के चक्कर में रोगी देखने जाते ही नहीं है। जूनियर से फोन पर फीड लेकर राय दे देते हैं। अभी तक हैलट में जूनियर डाक्टर, इंटर्न और कर्मचारी कोरोना संक्रमित हुए हैं।
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