हैलट में कोविड अस्पताल के आइसोलेशन कक्ष में महिलाओं और बच्चों को रखा गया है। यहां दस माह का बच्चा भूख से बिलख रहा है, लेकिन कोई दूध लाने को राजी नहीं है। क्वारंटीन में रह रही महिलाओं के रिश्तेदारों ने यह समस्या बताई। उन्होंने कहा कि वे पैसा देने के लिए तैयार हैं। कोई पैसा ले लिया करे और बच्चे के लिए दूध ला दिए करे, लेकिन वहां कोई झांकने तक नहीं जाता है।
कर्नलगंज के कोरोना संक्रमित कारोबारी के निधन के बाद उनके परिजनों को क्वारंटीन में रखा गया है। महिलाओं और बच्चों को हैलट के अलग कक्ष में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इन्हें शिफ्ट कराने के बाद इधर झांका तक नहीं। कोरोना के डर की वजह से कोई स्टाफ भी उधर नहीं जाता है। हालत यह है कि बच्चे को गुरुवार सुबह दूध नहीं मिला। वह जोर-जोर से चिल्लाकर रोता रहा। परिजन परेशान रहे। रिश्तेदार इधर-उधर संपर्क करके बच्चे को दूध की व्यवस्था के लिए सिफारिश करवाते रहे। जीएसवीएम मेडिकल कालेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं थी, वह बच्चे के दूध की व्यवस्था करवाएंगी।