फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हैलट: एक हफ्ते में प्लाज्मा थैरेपी से होगा कोरोना मरीजों का इलाज

विज्ञापन
विज्ञापन
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हैलट में प्लाज्मा थैरेपी से कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज होगा। इसके लिए आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) ने अनुमति दे दी है। इस इलाज में प्रयुक्त होने वाली मशीन खरीदने के लिए टेंडर भी जारी हो गए हैं। एक हफ्ते में कोरोना की जंग जीतने वाले मरीजों की सहमति से उनका प्लाज्मा लिया जाएग। इसी से कोरोना मरीजों का इलाज होगा।
विज्ञापन

दिल्ली में प्लाज्मा थैरेपी से कोरोना के चार गंभीर मरीजों के इलाज में सकारात्मक परिणाम सामने आने और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ में भी इस तकनीक से इलाज शुरू होने के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने भी तैयारियां शुरु कर दी हैं। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने बताया कि सब कुछ ठीक रहा तो यहां भी एक हफ्ते में इस अत्याधुनिक तकनीक से कोरोना मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि प्लाज्मा थैरेपी से इलाज के लिए आईसीएमआर ने अनुमति दे दी है। इस इलाज में प्लाज्मा फेरेसिस मशीन की जरूरत पड़ेगी। इसे खरीदने के लिए शॉर्ट टर्म (5 दिन वाले) टेंडर जारी किए गए हैं। मशीन की अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये है।
क्वारंटीन पूरा होते ही सात मरीजों से लेंगे प्लाज्मा
हैलट में एक हफ्ते पहले कोरोना के सात मरीजों को स्वस्थ कर 14 दिन के लिए क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। यह अवधि पूरी होते ही इन मरीजों की सहमति लेकिन इनके ब्लड से प्लाज्मा प्राप्त किया जाएगा। और इसी से हैलट केे कोविड-19 वार्ड में भर्ती मरीजों का इलाज होगा।
विज्ञापन

जिस तरह से शहर में कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, उसमें यह तकनीक रामबाण साबित हो सकती है। कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों के ब्लड प्लाज्मा में 14 दिन में एंटीबॉडी बनने लगती हैं, जो कोरोना वायरस को मारने में कारगर साबित होती हैं। यदि इन एंटीबॉडी को कोरोना के दूसरे मरीजों में चढ़ा दिया जाए तो उसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत तेजी से बढ़ती है। इससे उसके शरीर में भी कोरोना वायरस का बहुत जल्द खात्मा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें