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फार्च्यून हॉस्पिटल में कोरोना मरीज पहुंचने से हड़कंप, ओपीडी ब्लॉक सील

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माई सिटी रिपोर्टर कानपुर। रेड जोन एरिया में शामिल अनवरगंज से कोरोना का मरीज कैंसर का इलाज कराने फॉर्चून हॉस्पिटल गया था। मंगलवार को इसका पता चलते ही नर्सिंग होम में हड़कंप मच गया। इस मरीज का चेकअप करने वाले डॉक्टर और दो सहयोगी कर्मचारियों को नोटिस देकर कोरोना की जांच के लिए भेजा गया है। अस्पताल की ओपीडी ब्लॉक सेनीटाइज कराकर 48 घंटे के लिए सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के निर्देश दिए हैं। इटावा निवासी एक वृद्ध कैंसर रोगी इलाज कराने के लिए अनवरगंज स्थित अपनी ससुराल आया था। बताया जाता है कि उसकी बेटी कल्याणपुर थाने में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात है। 19 अप्रैल को कल्याणपुर थाने के दो सिपाही इस मरीज को पूर्वाहन 11:30 बजे फॉर्चून हॉस्पिटल, गीता नगर ले गए। वहां ओपीडी में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ विशाल खन्ना ने उसे देखकर परामर्श देते हुए ऑपरेशन की जरूरत बताई, पर भर्ती करने से पहले कोरोना की जांच कराने के लिए कहकर लौटा दिया था। अब इस मरीज की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस बीच यह मरीज तमाम लोगों के संपर्क में आया। मंगलवार को मरीज की हिस्ट्री लेने पर उसके फार्च्यून हॉस्पिटल जाने का पता चला पता चला। पुलिसकर्मियों को भी कोरोना का खतरा कोरोना के इस मरीज को अनवरगंज से फार्च्यून हॉस्पिटल और वहां से अन्य स्थानों पर ले जाने वाले पुलिसकर्मियों को भी कोरोना होने का खतरा है। इतना ही नहीं ये पुलिसकर्मी ड्यूटी करने के साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों के संपर्क में आए होंगे, जिससे उन पर भी कोरोना संकट मंडराने लगा है। इससेे पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे पुलिसकर्मियों का पता लगा रहा है। नर्सिंग होम में बताया गलत पता इटावा निवासी कैंसर रोगी को अनवरगंज में ही कोरोना होने का खतरा है। पर नर्सिंग होम में इस मरीज ने इटावा या अनवरगंज का पता बताने के बजाय अपना गलत पता बताया। नर्सिंग होम के प्रमुख डॉ मनीष वर्मा ने बताया कि इस मरीज ने खुद को कल्याणपुर निवासी बताया था। फिर भी उसे ओपीडी ब्लॉक के अंदर ले जाने से पहले कोरोना जांच कराने के लिए कह कर लौटा दिया गया था। अस्पताल के डॉक्टर और दो कर्मी भी चपेट में कल्याणपुर थाने के दो सिपाहियों के साथ फार्च्यून हॉस्पिटल पहुंचे इस मरीज को ओपीडी के गेट पर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने सैनिटाइज कराया था। इसके बाद एक महिला कर्मचारी ने उसकी एंट्री की थी। इसके बाद डॉ विशाल खन्ना ने उसे परामर्श दिया था। उस समय ओपीडी में एक और मरीज था। डॉ मनीष ने बताया कि कैंसर का मरीज ओपीडी ब्लॉक में 10 - 15 मिनट रहा था। ओपीडी में नियमित रूप से सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है फिर भी ओपीडी ब्लॉक कोड सेनीटाइज कर कर 48 घंटे के लिए सील कर दिया है। मरीज के संपर्क में आए डॉक्टर और दोनों कर्मचारियों को लेटर लिख कर दिया है कि वह सीधे हैलट की फ्लू ओपीडी में जाकर कोरोना की जांच कराएं और इसके बाद खुद को क्वॉरेंटाइन करें। रिपोर्ट आने पर ही अग्रिम निर्णय लिया जायेगा।
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