हैलट में सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया
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कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के कोरोना नोडल डॉक्टर की तबीयत बिगड़ गई है। वह कोरोना संदिग्ध पाए गए हैं। उन्हें हॉस्पिटल के गेस्ट हाउस में आइसोलेशन में रखने के साथ इलाज शुरू कर दिया गया। कोरोना नोडल डॉक्टर के साथ ही एक कर्मचारी भी कोरोना संदिग्ध है।
उसे भी आइसोलेशन में रखकर सैंपल लिया गया है। सैंपल जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजे गए हैं। मेडिकल कॉलेज के आईडीएच और 100 बेड मैटरनिटी ब्लॉक के कोरोना वार्ड में भर्ती होने वाले रोगियों के इलाज के लिए मेडिसिन विभाग के एक डॉक्टर को नोडल बनाया गया है।
कोरोना मामले में शासन-प्रशासन से कोआर्डिनेशन और रोगियों के इलाज की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। नोडल डॉक्टर को तीन दिन पहले फ्लू के लक्षण उभर आए थे, लेकिन वह वार्ड में भर्ती संदिग्ध रोगियों के इलाज में लगे रहे। सोमवार को उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई।
इस पर उन्हें हॉस्पिटल के गेस्ट हाउस में भर्ती करके इलाज शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा कोरोना वार्ड मेें काम करने वाले एक कर्मचारी को भी फ्लू के लक्षण उभर आए हैं। हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि डॉक्टर और कर्मचारी दोनों के सैंपल ले लिए गए हैं और आइसोलेशन में रखा गया है।